Patna News: पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने अपराध गोष्ठी में जिले के सभी थाना प्रभारियों को बेहतर पुलिसिंग को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जाए।
Highlights:
एसएसपी ने अधिकारियों से कहा कि FIR दर्ज करने में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही मामलों की जांच वैज्ञानिक तरीके से करते हुए निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया गया।
सक्रिय अपराधियों की सूची बनाने और खुफिया तंत्र मजबूत करने पर जोर

अपराध नियंत्रण को लेकर एसएसपी ने सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्र के सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही गुंडा पंजी को अपडेट करने और उस पर प्रभावी तरीके से काम करने को कहा गया।
उन्होंने थानों के खुफिया तंत्र को मजबूत करने के साथ नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में रोको-टोको अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
एसएसपी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ लंबित कार्रवाई में तेजी लाने की जरूरत है। इसके तहत वारंट, कुर्की और इश्तिहार के मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
46 थानों में नए थानाध्यक्ष, 12 एसएचओ लाइन हाजिर
पटना पुलिस में बेहतर पुलिसिंग की दिशा में किए गए बदलावों का भी बैठक में उल्लेख किया गया। इसी सुधार अभियान के तहत जिले के 46 थानों में नए थानाध्यक्ष नियुक्त किए जाने और 12 लापरवाह एसएचओ को लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराध की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। थानों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
नए आपराधिक कानूनों और ग्राम कचहरी पर ट्रेनिंग
थानेदारों को नए आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी कराया जा रहा है। इसके अलावा ग्राम कचहरी में सरपंच के अधिकारों और उनकी भूमिका को लेकर भी पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी जा रही है।
पटना से आई विशेष टीमों की ओर से यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य छोटे स्तर के विवादों को ग्राम स्तर पर ही सुलझाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि ऐसे मामलों में थानों पर अनावश्यक दबाव कम हो सके।
आम लोगों का भरोसा बढ़ाना पुलिस की प्राथमिकता
अपराध गोष्ठी के दौरान पुलिसिंग में संवेदनशीलता और जवाबदेही को लेकर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और कानूनी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
पटना पुलिस का फोकस अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ आम लोगों में सुरक्षा की भावना और पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत करने पर है। नियमित गश्त, खुफिया तंत्र और लंबित कानूनी कार्रवाई में तेजी को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






















