Nirsa CISF Protest: थाना क्षेत्र के ईसीएल मुगमा एरिया अंतर्गत चापापुर टू ओसीपी के पास रविवार सुबह ग्रामीणों और CISF जवानों के बीच विवाद के बाद तनाव की स्थिति बन गई। घटना के बाद रामकनाली पंचायत के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला चोरी के संदेह में पंचायत की एक बुजुर्ग आदिवासी महिला को CISF जवानों ने पकड़ा और उसके साथ कथित तौर पर लाठी से मारपीट की। इसी आरोप के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और मामला विवाद में बदल गया। हालांकि, महिला के साथ मारपीट के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं हुई है।
Highlights:
तीर-धनुष और लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण
विवाद बढ़ने के बाद आदिवासी समुदाय के बड़ी संख्या में ग्रामीण तीर-धनुष और लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने CISF टीम को घेर लिया। स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण चापापुर टू ओसीपी का परिचालन भी प्रभावित हुआ। घटना की सूचना मिलने पर निरसा थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस बल और CISF की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

स्थानीय लोगों की पहल से हुई बातचीत
स्थिति को सामान्य करने के लिए रामकनाली पंचायत के मुखिया, पूर्व मुखिया और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने ग्रामीणों, CISF टीम और प्रबंधन के बीच बातचीत कराने की पहल की। काफी समझाने-बुझाने के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। स्थानीय स्तर पर मध्यस्थता के बाद फिलहाल विवाद का समाधान करा दिए जाने और स्थिति सामान्य होने की बात कही गई है।
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पूर्व मुखिया ने लगाया मारपीट का आरोप
रामकनाली पंचायत के पूर्व मुखिया प्रशांत हेम्ब्रम ने घटना की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि CISF जवानों ने कोयला चोरी के संदेह में बुजुर्ग आदिवासी महिला को पकड़ा था और कथित तौर पर लाठी से उसकी पिटाई की। उनके अनुसार, इसी घटना की जानकारी ग्रामीणों को मिलने के बाद आक्रोश बढ़ा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों की पहल से बातचीत के जरिए स्थिति को शांत कराया गया।

CISF और ECL के आधिकारिक पक्ष का इंतजार
घटना को लेकर CISF और ECL प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष इस जानकारी में सामने नहीं आया है। इसलिए महिला से कथित मारपीट और कोयला चोरी के संदेह से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मध्यस्थता के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है। हालांकि, घटना ने कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच समन्वय तथा कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं।























