धनबाद: निरसा प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने पोद्दारडीह स्थित हाई स्कूल और बेनागोरिया स्थित शिवाजी प्लस टू हाई स्कूल में नए भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।
Highlights:
दोनों विद्यालयों में 11-11 कमरों वाले नए भवन बनाए जाएंगे। नए भवनों के निर्माण के बाद विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
प्रत्येक भवन पर खर्च होंगे करीब 1.40 करोड़ रुपये

जानकारी के अनुसार, दोनों विद्यालयों में बनने वाले भवनों पर करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये प्रति भवन की राशि खर्च की जाएगी।
भवन निर्माण का उद्देश्य विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। नए कमरों के निर्माण से विद्यालयों में कक्षाओं की कमी को दूर करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
विधायक अरूप चटर्जी ने शिक्षा सुविधाओं के विस्तार पर दिया जोर

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि नए भवनों के निर्माण के बाद विद्यार्थियों को सुविधाजनक तरीके से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही विद्यालयों में बढ़ती जरूरतों के अनुसार अतिरिक्त कक्षाओं की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने किया स्वागत
शिलान्यास कार्यक्रम में जिप सदस्य दिपाली रुहीदास, मुखिया कन्हाई दास और सांसद प्रतिनिधि प्रशांत बनर्जी सहित कई लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा विद्यालय के शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी कार्यक्रम में शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने विद्यालयों में नए भवन निर्माण की पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
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शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद
पोद्दारडीह हाई स्कूल और बेनागोरिया स्थित शिवाजी प्लस टू हाई स्कूल में नए भवनों के निर्माण से शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अधिक अनुकूल वातावरण मिलेगा। भवन निर्माण पूरा होने के बाद दोनों विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की संभावना है।






















