बख्तियारपुर का नाम बदलने की चर्चा पर PK ने साधा निशाना
पटना: बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीशपुर किए जाने की चर्चा के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति पर निशाना साधा है। 13 सितंबर को जारी जन सुराज के प्रेस नोट के मुताबिक, PK ने कहा कि नाम बदलने की चर्चा इस बात का संकेत है कि बिहार में विकास के मुद्दों की तुलना में नाम बदलने को अधिक महत्व दिया जा रहा है। प्रशांत किशोर ने इसे बिहार की मौजूदा राजनीतिक दिशा से जोड़ते हुए कहा कि राज्य में विकास पर चर्चा कम और नाम बदलने जैसे मुद्दों पर चर्चा ज्यादा हो रही है।
Highlights:
JDU के नाम को लेकर भी प्रशांत किशोर का तंज
प्रशांत किशोर ने जनता दल यूनाइटेड के नाम को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि JDU का नाम जनता दल नीतीश या फिर दोबारा समता पार्टी रखा जा सकता है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि नाम चाहे जनता दल यूनाइटेड रहे या कुछ और, उनके अनुसार महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पार्टी को कौन चला रहा है। PK ने दावा किया कि आज की जनता दल को नीतीश कुमार नहीं, बल्कि अमित शाह चला रहे हैं। यह बयान प्रशांत किशोर की राजनीतिक टिप्पणी है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में प्रेस नोट में कोई विस्तृत आधार नहीं दिया है।
RJD की MLC उम्मीदवार सूची पर भी कसा तंज
प्रशांत किशोर ने RJD की ओर से जारी MLC उम्मीदवारों की सूची पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि RJD की घोषित सूची उन्हें पार्टी की सूची से ज्यादा दूसरे दलों की सूची जैसी लग रही है। PK ने आरोप लगाया कि जिसने जितना ज्यादा पैसा दिया, उसे टिकट मिला। यह एक राजनीतिक आरोप है और प्रेस नोट में इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। RJD की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया इस प्रेस नोट में नहीं दी गई है।
यह भी पढ़ें: बोकारो में बनेगा Elephant Rescue Centre, घायल हाथियों के इलाज से रेस्क्यू तक होगी खास व्यवस्था
बिहार की राजनीति में नाम और टिकट को लेकर बयानबाजी तेज
प्रशांत किशोर के इन बयानों में बिहार की राजनीति से जुड़े तीन अलग-अलग मुद्दे शामिल रहे बख्तियारपुर के नाम को लेकर चर्चा, JDU की पहचान और नेतृत्व तथा RJD की MLC उम्मीदवार सूची। PK ने इन मुद्दों के जरिए राज्य सरकार और प्रमुख राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। उनके बयानों के बाद इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल बख्तियारपुर का नाम बदलने, JDU के नाम को लेकर चर्चा और RJD की MLC सूची पर लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की आगे की प्रतिक्रिया का इंतजार है।






















