45 लाख से ज्यादा लोगों के बाढ़ प्रभावित होने का दावा
Bihar Flood 2026, पटना: राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है। अपने आवास 1, पोलो रोड पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
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‘डबल इंजन सरकार गंभीर नहीं’, तेजस्वी ने साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार की डबल इंजन सरकार बाढ़ की स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “दोनों इंजन में आग लगी हुई है”, जिसके कारण बाढ़ प्रभावित लोगों तक सहायता नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार से एनडीए के सात मंत्री और 31 लोकसभा सांसद हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को पर्याप्त तरीके से नहीं उठाया जा रहा है। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में बाढ़ के स्थायी समाधान की दिशा में राज्य और केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
बाढ़ राहत और विशेष पैकेज की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार को बाढ़ से स्थायी राहत दिलाने के लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग दोहराई। तेजस्वी यादव ने कोसी क्षेत्र में आई पिछली बाढ़ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बिहार आए थे और बाढ़ पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने केंद्र सरकार पर बिहार के साथ कथित तौर पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। गुजरात में बारिश के दौरान राहत कार्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में आपदा के समय भी इसी तरह की गंभीरता दिखाई जानी चाहिए।
राहत रसोई और सहायता राशि को लेकर भी उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चल रही रसोई और राहत व्यवस्था से संबंधित सूची उन्होंने सरकार से मांगी थी, लेकिन उन्हें यह उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर सहायता राशि नहीं मिल रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि बाढ़ के स्थायी समाधान और आपदा के दौरान राहत उपलब्ध कराने को लेकर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। तेजस्वी ने अपने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और सरकार से प्रभावित परिवारों को सहायता देने की मांग की।
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पत्रकारों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
संवाददाता सम्मेलन के दौरान तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार से सवाल पूछने वाले पत्रकारों को परेशान किया जा रहा है और मंत्री से लेकर पुलिस तक पत्रकारों के साथ मारपीट कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को आलोचना और सवालों का सामना करना चाहिए तथा जनता की समस्याओं को सामने रखने वालों की आवाज दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। हालांकि, प्रेस नोट में लगाए गए इन राजनीतिक आरोपों पर राज्य सरकार या केंद्र सरकार की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। संवाददाता सम्मेलन में राजद के मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत पासवान और प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद भी मौजूद रहे।






















