फुटबॉल टूर्नामेंट के मंच पर आमने-सामने आए नेता
गोविंदपुर/धनबाद: गोविंदपुर थाना क्षेत्र के आसनबनी-2 पंचायत में आयोजित तीन दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब सत्ताधारी गठबंधन से जुड़े JMM और कांग्रेस नेताओं के बीच मंच पर तीखी नोकझोंक हो गई। आयोजन अमन भारती क्लब की ओर से किया गया था। खेल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले के दौरान मौजूद मंच पर जिला परिषद सदस्य और कांग्रेस नेता सोहराब अंसारी तथा JMM के बीस सूत्री अध्यक्ष अख्तर हुसैन अंसारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया।
Highlights:
‘कोयला चोर’ और ‘लोहा चोर’ के आरोप

मंच पर सोहराब अंसारी ने अख्तर हुसैन अंसारी को कथित तौर पर ‘कोयला चोर’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने अख्तर पर थाना प्रभारी से संरक्षण मिलने का भी आरोप लगाया। इसके जवाब में अख्तर हुसैन अंसारी ने सोहराब अंसारी पर ‘लोहा चोर’ होने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक मंच पर हुए इस आरोप-प्रत्यारोप से वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दोनों नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को उनके बयानों के रूप में ही देखा जा रहा है।
विवाद बढ़ा तो मंच से चले गए दोनों नेता
मंच पर दोनों नेताओं के बीच विवाद बढ़ने के बाद वहां हंगामे जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद दोनों नेता कार्यक्रम स्थल से चले गए। घटना के बाद इलाके में इस विवाद की चर्चा होने लगी। फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम में नेताओं के बीच हुए इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया।
अवैध कारोबार को लेकर उठे सवाल
दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों के बाद इलाके में अवैध कोयला और लोहा कारोबार से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मंच पर लगाए गए आरोपों के पीछे कोई वास्तविक विवाद या कारोबार से जुड़ा मामला है या नहीं। मामले में किसी तरह की आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी भी सामने नहीं आई है। इसलिए आरोपों की वास्तविकता को लेकर फिलहाल कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
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मीडिया के सवालों पर दोनों पक्षों ने साधी चुप्पी
घटना के बाद मीडिया ने दोनों नेताओं से विवाद और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों ने इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी। अब सवाल यह है कि सार्वजनिक मंच पर एक-दूसरे पर लगाए गए गंभीर आरोपों के पीछे वास्तविक विवाद क्या है और क्या इस मामले में आगे कोई कार्रवाई होती है। फिलहाल दोनों नेताओं के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।





















