UGC रोलबैक की मांग को लेकर छपरा में स्वर्ण समाज का विरोध मार्च, डीएम को सौंपा ज्ञापन
छपरा: UGC से जुड़े प्रस्तावित बदलावों और आरक्षण संबंधी मुद्दों को लेकर छपरा में स्वर्ण समाज के लोगों ने विरोध मार्च निकाला। छपरा कचहरी रेलवे स्टेशन से हजारों लोगों के जुटने का दावा किया गया। प्रदर्शनकारी विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहां ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने संबंधित प्रावधानों को लेकर अपनी आपत्तियां जताईं और इन्हें वापस लेने की मांग की।
Highlights:
UGC बदलावों को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने UGC से जुड़े नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रस्तावित प्रावधानों का असर स्वर्ण समाज के विद्यार्थियों और उनके भविष्य पर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित कानून और प्रावधानों की समीक्षा करने तथा अपनी आपत्तियों पर सरकार से विचार करने की मांग की। उनका कहना था कि समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रावधान नहीं होने चाहिए, जिनसे विद्यार्थियों के सामने भविष्य में कठिनाइयां पैदा हों।
प्रधानमंत्री और भाजपा के खिलाफ जताया विरोध

विरोध मार्च के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ भी प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उनका आरोप था कि मौजूदा व्यवस्था में स्वर्ण समाज के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आरक्षण और SC-ST कानून पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था और SC-ST कानून को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि इन मुद्दों पर सरकार को दोबारा विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो देशभर में बड़े आंदोलन की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक रूप से जवाब देने की बात भी कही।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
विरोध मार्च के अंत में प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से UGC से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने और आरक्षण तथा SC-ST कानून से जुड़े मुद्दों पर पुनर्विचार करने की मांग रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल प्रदर्शन में लगाए गए आरोप और मांगें प्रदर्शनकारियों के पक्ष पर आधारित हैं। सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इस प्रदर्शन और आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।






















