स्टाइपेंड नहीं मिलने पर हड़ताल पर गए इंटर्न डॉक्टर
RIMS Dental Intern Doctors Strike: स्टाइपेंड का भुगतान नहीं होने के विरोध में रिम्स डेंटल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के कारण डेंटल कॉलेज की ओपीडी व्यवस्था करीब ढाई घंटे तक प्रभावित रही। दांत का इलाज कराने पहुंचे मरीजों को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा, जबकि सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी व्यवस्था को संभालने की कोशिश की।
Highlights:
निदेशक के आश्वासन के बाद खत्म हुई हड़ताल
इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा करीब साढ़े 11 बजे डेंटल कॉलेज परिसर पहुंचे। उन्होंने हड़ताल कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। निदेशक ने डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि मंगलवार शाम तक स्टाइपेंड की राशि रिलीज कर दी जाएगी। इसके बाद इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी और वापस काम पर लौट गए।
साढ़े तीन महीने से लंबित था स्टाइपेंड
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें करीब साढ़े तीन महीने से स्टाइपेंड का भुगतान नहीं किया गया था। इस संबंध में वे लगातार रिम्स प्रबंधन से बातचीत कर रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार, प्रबंधन की ओर से स्टाइपेंड भुगतान में तकनीकी समस्या का हवाला दिया जा रहा था। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने के कारण इंटर्न डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती गई और मंगलवार को उन्होंने हड़ताल का निर्णय लिया। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक स्टाइपेंड नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा था।
हड़ताल से डेंटल ओपीडी में मरीज परेशान
इंटर्न डॉक्टरों के काम से दूर रहने के कारण डेंटल कॉलेज की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं। दांत का इलाज कराने के लिए पहुंचे मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा। हालांकि सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों की परेशानी कम करने के लिए ओपीडी व्यवस्था संभालने का प्रयास किया, लेकिन इंटर्न डॉक्टरों के नहीं रहने से कामकाज प्रभावित रहा। करीब ढाई घंटे तक चली इस स्थिति के बाद इंटर्न डॉक्टरों के काम पर लौटने से ओपीडी व्यवस्था दोबारा सामान्य हुई।
39 इंटर्न डॉक्टरों को मिलता है ₹30 हजार स्टाइपेंड
रिम्स में वर्तमान में 39 इंटर्न डॉक्टर कार्यरत हैं। प्रत्येक इंटर्न डॉक्टर को हर महीने ₹30,000 स्टाइपेंड दिया जाता है। इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, करीब साढ़े तीन महीने का भुगतान लंबित होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब निदेशक के आश्वासन के बाद उन्हें लंबित राशि जल्द जारी होने की उम्मीद है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टर काम पर लौट चुके हैं। मंगलवार शाम तक स्टाइपेंड जारी करने के निदेशक के आश्वासन के बाद इस विवाद को तत्काल तौर पर टाल दिया गया है।






















