पंचायत सचिवालय में हुआ अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का आयोजन
Giridih News: बेंगाबाद प्रखंड क्षेत्र के सिंदवारिया पंचायत सचिवालय में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, विभिन्न सहयोगियों और ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पंचायत के मुखिया रामेश्वर महतो, मेंटोर तमन्ना, धरणीधर, फेलो साथी विश्वनाथ, डीएमडी दिवस कुमार, आलम, दयाल तुरी, कृष्ण कुमार, नवीन टाइगर और शिक्षक मदन मोहन सहित कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान लोकतंत्र के महत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
Highlights:
लोकतंत्र सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल मतदान करने के अधिकार तक सीमित नहीं है। अपनी बात रखने, विचार और राय व्यक्त करने के साथ-साथ दूसरे लोगों के विचारों का सम्मान करना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आपसी सम्मान और भागीदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में एक-दूसरे की बात सुनना और अलग-अलग विचारों का सम्मान करना जरूरी है। लोगों ने आपसी सहयोग और मिल-जुलकर रहने को लोकतांत्रिक भावना का अहम हिस्सा बताया। इस दौरान नागरिकों को समाज और पंचायत स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा सामूहिक भागीदारी के साथ सकारात्मक माहौल बनाने का संदेश दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण पर भी हुई चर्चा
अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने पेड़-पौधों की रक्षा करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज का विकास जरूरी है, लेकिन विकास के साथ पर्यावरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

लोकतंत्र और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के अंत में लोकतांत्रिक अधिकारों, नागरिक कर्तव्यों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने समाज में आपसी सहयोग, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की बात कही। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को लोकतंत्र के मूल्यों के प्रति जागरूक करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।






















