ममता बनर्जी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला तेज
Mamata Banerjee on Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच चल रहा विवाद बुधवार को और तेज हो गया। नई दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला और उनके इस्तीफे की मांग की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने CEC के लिए बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘चोर’ और ‘डाकू’ कहा। ये ममता बनर्जी और विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। बैठक के बाद विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर आंदोलन की रूपरेखा भी सामने रखी। INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर के बीच देशभर में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है।
Highlights:
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
ममता बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोटों से छेड़छाड़ के आरोप लगाते हुए CEC को सीधे तौर पर निशाने पर लिया। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव में मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया गया और EVM से जुड़ी अनियमितताओं के जरिए सबूत मिटाने की कोशिश हुई। इन दावों पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग है और आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत संचालित किए जाने की बात कही है। हालिया विवाद मुख्य रूप से मतदाता सूची में बदलाव और SIR प्रक्रिया को लेकर भी केंद्रित है। ममता ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो विपक्षी दल आंदोलन को और व्यापक करेंगे। उन्होंने ‘वोट चोरी’ को इस राजनीतिक अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च
INDIA गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आंदोलन का कार्यक्रम बताया। विपक्षी दलों के अनुसार, 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और प्रदर्शन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची से जुड़े अपने सवालों को जनता के बीच उठाने की तैयारी में हैं। इसके साथ ही अलग-अलग राज्यों में स्थानीय स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर अपनी प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप बताया है।
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
INDIA गठबंधन के कार्यक्रम में 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च भी शामिल है। इस दौरान विपक्षी नेता चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां आयोग के सामने रखने की तैयारी में हैं। बैठक के बाद सामने आए कार्यक्रम के मुताबिक विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगेंगे। इसके जरिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को संवैधानिक स्तर पर उठाने की रणनीति बनाई गई है।
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SIR को लेकर पहले से जारी है विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की नाराजगी नई नहीं है। पिछले कुछ समय से SIR के तहत मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। रॉयटर्स की 26 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में किए गए बदलावों की समीक्षा के लिए अपने सॉफ्टवेयर की जांच शुरू करने की बात कही थी। आयोग ने यह भी कहा था कि आंतरिक मतभेदों को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए और उसकी कार्यप्रणाली कानूनी नियमों के अनुसार है। ममता बनर्जी इससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग कर चुकी हैं। अब INDIA गठबंधन के संयुक्त आंदोलन की घोषणा के बाद यह मुद्दा अगले कुछ दिनों में विपक्ष की साझा राजनीतिक मुहिम का प्रमुख हिस्सा रहने वाला है।






















