सुबह से फोरलेन पर बैठ गए आंदोलनकारी
Jainamore Jharkhand Agitators Protest, बोकारो: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा से जुड़े लोगों ने बुधवार को अपनी मांगों के समर्थन में जैनामोड़ फोरलेन पर चक्काजाम किया। आंदोलनकारी सुबह करीब 10 बजे सड़क पर बैठ गए, जिसके बाद छोटे और बड़े वाहनों का परिचालन प्रभावित हुआ। यह प्रदर्शन मोर्चा की ओर से 30 सितंबर को प्रस्तावित राज्यव्यापी बंद के कार्यक्रम से जुड़ा था। मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के सामने अपनी मांगें रखने का आह्वान किया था। जैनामोड़ में सड़क जाम के कारण फोरलेन पर कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
Highlights:
पेंशन और राजकीय सम्मान की मांग
प्रदर्शन के दौरान लुकमान हमदर्द ने आंदोलनकारियों की मांगों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण के आंदोलन में योगदान देने वाले कई लोग अभी भी अपने अधिकारों और सम्मान से वंचित हैं। मोर्चा की ओर से आंदोलनकारियों को राजकीय सम्मान, अलग पहचान और सम्मानजनक पेंशन देने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आंदोलन में योगदान देने वाले सभी पात्र लोगों को सम्मान पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।
चिह्नांकन की प्रक्रिया फिर शुरू करने की मांग
आंदोलनकारियों ने चिह्नांकन की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उनकी मांग है कि मूल आंदोलनकारियों के चिह्नांकन के लिए जेल जाने की बाध्यता को समाप्त किया जाए। मोर्चा का कहना है कि जो आंदोलनकारी अब तक चिह्नांकन से बाहर रह गए हैं, उनके लिए प्रक्रिया दोबारा शुरू की जानी चाहिए, ताकि पात्र लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
आयोग या कल्याण बोर्ड बनाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने चिह्नांकन से छूटे आंदोलनकारियों के मामलों के समाधान के लिए बंद आयोग का पुनर्गठन करने की मांग रखी। इसके विकल्प के तौर पर अलग झारखंड आंदोलनकारी कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग भी की गई। इसके साथ ही आंदोलनकारियों के बेटे-बेटियों और आश्रितों को रोजगार देने की मांग भी मोर्चा की ओर से उठाई गई। मोर्चा का कहना है कि राजकीय सम्मान, पहचान, पेंशन, चिह्नांकन और आश्रितों के रोजगार से जुड़े ये मुद्दे लंबे समय से उठाए जाते रहे हैं।
वार्ता और प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे आंदोलनकारी
जैनामोड़ में हुए सड़क जाम के दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे। मौके पर प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की गई। प्रदर्शन में सहदेव महतो, विशेश्वर महतो, ठाकुर राम महतो, मोहन लाल महतो, मणिलाल मरांडी, मुख्तार हुसैन, कृष्णा महतो, राम ब्रिज महतो, दुर्गा प्रसाद महतो, सूर्य नारायण महतो, लालू महतो, काशीनाथ केवट, गणेश मल्लाह, ईससार अहमद, उषा देवी, सुनीता देवी, दुलिया देवी, सुरेश रविदास, अर्जुन महतो, राजू महतो, कुंदन महतो, ललित नारायण और शंकर महतो समेत अन्य लोग शामिल रहे।






















