Chhapra Farakka Water Treaty: फरक्का जलसंधि को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से छपरा के भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फरक्का जलसंधि के नवीनीकरण और बिहार के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि वर्ष 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई यह संधि खासकर बिहार के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। संजय झा के मुताबिक, यदि आगे कोई नई संधि होती है तो उसमें वर्ष 2050 तक बिहार की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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संजय झा बोले- बिहार के हित में पुनर्विचार जरूरी
संजय कुमार झा ने कहा कि फरक्का जलसंधि के कारण बिहार का जल प्रबंधन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राज्य गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। उनके अनुसार, बिहार के हित में इस समय इस संधि पर पुनर्विचार जरूरी है। उन्होंने शुष्क मौसम में गंगा के जल प्रवाह का जिक्र करते हुए कहा कि 1 जनवरी से 31 मई के बीच जब बक्सर के पास गंगा का प्रवाह करीब 14 हजार क्यूसेक तक रह जाता है, तब भी फरक्का से बांग्लादेश के लिए करीब 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ता है। संजय झा ने दावा किया कि इसका असर केवल गंगा तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की अन्य नदियों के पानी पर भी पड़ रहा है। उन्होंने इसे बिहार के हितों के साथ अन्याय बताया।

किसानों, पेयजल और उद्योगों की जरूरत का मुद्दा
JDU नेता ने कहा कि जलसंधि के कारण बिहार के किसानों की सिंचाई, लोगों के पेयजल, उद्योगों की पानी की जरूरत और लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होने की चिंता है। उन्होंने कहा कि बिहार और केंद्र की तत्कालीन सरकारों में बैठे लोगों ने बिहार के हितों को ध्यान में रखकर इस विषय पर पर्याप्त विचार नहीं किया। संजय झा ने कहा कि राज्य के युवाओं के भविष्य को भी जल संसाधनों से जोड़कर देखने की जरूरत है। कार्यक्रम में JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी फरक्का जलसंधि को लेकर बिहार की स्थिति पर बात रखी। उन्होंने कहा कि बिहार पिछले करीब 30 वर्षों से एक साथ बाढ़ और सुखाड़ का दंश झेल रहा है।

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बिहार के 12 जिलों में संवाद कार्यक्रम
JDU की ओर से फरक्का जलसंधि के मुद्दे पर गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में संवाद कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इनमें बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। पार्टी के अनुसार, इन जिलों को फरक्का जलसंधि से प्रभावित क्षेत्रों के तौर पर देखा जा रहा है। इसी क्रम में छपरा में यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री सुनील कुमार, मांझी के JDU विधायक रणधीर सिंह, परसा के पूर्व विधायक छोटेलाल राय, एकमा के विधायक धूमल सिंह सहित भीष्म कुशवाहा, देवनारायण शाह, सारण जिला अध्यक्ष दिनेश सिंह, मुरारी सिंह, विशाल सिंह, पवन वर्मा, बृजेश कुमार समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सारण जिला जनता दल यूनाइटेड के जिला महासचिव ई. प्रभाष शंकर ने किया।
छपरा से पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट।






















