Saran Flood: सारण जिले में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन करीब आधा दर्जन प्रखंडों में अब भी बाढ़ का व्यापक असर बना हुआ है। कई इलाकों में पानी उतरने के बावजूद गांवों की सड़कें कट गई हैं और कई घर बाढ़ के कारण जमींदोज हो चुके हैं। मकेर में NH-722 मुजफ्फरपुर-छपरा हाईवे पर अभी भी करीब आधा फीट पानी बताया जा रहा है। वहीं, जिन इलाकों से पानी उतर चुका है, वहां बीमारी और संक्रमण की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।
Highlights:
42 पंचायतों के 236 गांव बाढ़ से प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त बाढ़ स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, सारण जिले के 6 प्रखंडों की 42 पंचायतें और 236 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से अनुमानित 4,60,963 लोग और 1,04,043 परिवार प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 74,737 लोगों को निष्क्रमित किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव, स्वास्थ्य, पेयजल, पशु चिकित्सा और खाद्यान्न आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं लगातार संचालित की जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन और राहत-बचाव कार्य के लिए 128 नावों का परिचालन किया जा रहा है।
54 चिकित्सा शिविरों में 14 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा व्यवस्था लगातार संचालित की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक 54 चिकित्सा शिविरों में 14,012 मरीजों का उपचार किया गया है। बाढ़ के दौरान रेस्क्यू की गई 8 गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव स्वास्थ्य दल की निगरानी में सफलतापूर्वक कराया गया है। पशुओं के लिए भी चिकित्सा और चारा वितरण की व्यवस्था की गई है। 9 पशु चिकित्सा शिविरों के माध्यम से 2,727 पशुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि 933.05 क्विंटल चारा वितरित किया गया है।

133 सामुदायिक रसोई से लाखों लोगों को भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 133 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इनके माध्यम से 4,51,538 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 51,413 फूड पैकेट और ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राहत कार्यों के लिए गोदाम में 17,575 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 55,718 पॉलीथिन शीट वितरित की गई हैं।

पेयजल और स्वच्छता की भी व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित पंचायतों में 254 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों से प्रतिदिन करीब 8,967 बच्चों को लाभ मिल रहा है। वहीं, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, छपरा की ओर से बाढ़ प्रभावित 6 प्रखंडों में पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था की गई है। इसके तहत 56 पेयजल टैंकर, 82 चापाकल, 193 अस्थायी शौचालय और 60 एफआरपी शौचालय की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर उपलब्ध राहत एवं बचाव सेवाओं का सहयोग लिया जाए। जिन इलाकों में पानी उतर चुका है, वहां संक्रमण और बीमारियों से बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग लगातार काम कर रहे हैं।























