Chhapra Flood Relief: सारण जिले में बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा दुरुस्त करने की तैयारी तेज हो गई है। सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने शुक्रवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राहत, स्वास्थ्य और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने पात्र बाढ़ पीड़ित परिवारों के खातों में इसी सप्ताह सात हजार रुपये की सहायता राशि पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक में फसलों, मकानों, मवेशियों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन जल्द पूरा करने के साथ अगले छह माह में सड़कों, पुलों, तटबंधों और बिजली व्यवस्था की बहाली पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
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बाढ़ प्रभावित परिवारों को इसी सप्ताह मिलेगी 7 हजार रुपये की सहायता
राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए उनके बैंक खातों में सात हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों तक इसी सप्ताह राशि पहुंचाने पर जोर दिया। सांसद ने फसल क्षति, मकानों और मवेशियों के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आकलन के दौरान किसी प्रभावित क्षेत्र या पात्र परिवार की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। रूडी के मुताबिक, बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है। यदि कोई पात्र परिवार अब भी सहायता से वंचित है, तो उसे तत्काल राहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
सारण के कई प्रखंड बाढ़ से प्रभावित
सांसद ने कहा कि नेपाल में अत्यधिक बारिश और अप्रत्याशित जलप्रवाह के कारण सारण सहित बिहार के कई इलाकों में बाढ़ से नुकसान हुआ। सरयू, गंगा और गंडक नदियों से घिरे सारण जिले के पानापुर, तरैया, मकेर, अमनौर, दरियापुर, परसा, सोनपुर और रिविलगंज के विभिन्न इलाके प्रभावित हुए। बाढ़ के कारण कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए। इसके अलावा घरों, फसलों, मवेशियों, सड़कों और बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा। बैठक में संबंधित विभागों को क्षति का अंतिम आकलन जल्द पूरा करने और राहत कार्यों में समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया।

छह माह में सड़क, पुल और तटबंधों की बहाली पर जोर
बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए राजीव प्रताप रूडी ने संबंधित विभागों को कार्ययोजना तैयार करने को कहा। सड़क निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और विद्युत विभाग समेत संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से काम करने पर जोर दिया गया। अगले छह माह में बाढ़ से प्रभावित बुनियादी ढांचे की मरम्मत और बहाली पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। इसमें ग्रामीण सड़कों, पुलों, तटबंधों और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करना शामिल है।

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बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा शिविर लगाने का निर्देश
बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में संक्रामक बीमारियों और महामारी के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। सांसद ने प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर लगाने, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य और बिजली विभाग, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों के योगदान की सराहना की।

सांसद कंट्रोल रूम के जरिए पहुंचाई गई मदद
राजीव प्रताप रूडी ने बताया कि बाढ़ के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के मंत्री एवं अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया। प्रभावित लोगों की सूचनाएं लेकर सहायता पहुंचाने के लिए सांसद कंट्रोल रूम के टोल-फ्री नंबर 18003456222 का इस्तेमाल किया गया। बैठक में सदर एसडीओ नीतेश कुमार, मढ़ौरा एसडीओ सैयद अदील मोहसिन, सोनपुर एसडीओ स्निग्धा नेहा, सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, अमनौर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशांक शुभम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रिपोर्ट: पंकज श्रीवास्तव, छपरा






















