Lohardaga Biryani Case: झारखंड के लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना क्षेत्र की चंदलासो पंचायत स्थित चिताकोनी गांव में पैकेटबंद बिरयानी खाने के बाद तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों को रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीसरे बच्चे का इलाज स्थानीय स्तर पर कराया गया। परिजनों के अनुसार, सोमवार की शाम तीनों बच्चे अपने परिवार के साथ चंदलासो गांव के पूजा पंडाल गए थे। रात में लौटते समय उन्होंने एक दुकान से पैकेटबंद बिरयानी खरीदी और रास्ते में खाई। इसके बाद घर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
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पूजा पंडाल से लौटते समय खरीदी थी बिरयानी
जानकारी के अनुसार, चिताकोनी गांव निवासी ओमप्रकाश भगत की चार वर्षीय पुत्री तन्वी उरांव, सुरेश उरांव के आठ वर्षीय पुत्र रोहन उरांव और सुनील उरांव के सात वर्षीय पुत्र सत्या उरांव सोमवार शाम अपने परिजनों के साथ चंदलासो गांव के पूजा पंडाल गए थे। रात में घर लौटने के दौरान तीनों ने गांव की एक दुकान से पैकेटबंद बिरयानी खरीदी और खाई। परिजनों का कहना है कि घर पहुंचने के बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
उल्टी के बाद बिगड़ी हालत, दो बच्चों को रांची रेफर किया
परिजनों के मुताबिक, बिरयानी खाने के बाद तीनों बच्चों को उल्टी होने लगी। उन्होंने बताया कि तन्वी उरांव और रोहन उरांव के मुंह से झाग और खून भी आया। इसके बाद परिजन बच्चों को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद तन्वी को सोमवार की रात ही रांची रेफर कर दिया गया। रोहन की हालत गंभीर होने पर परिजन मंगलवार सुबह उसे भी रांची ले गए। दोनों बच्चों का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
तीसरे बच्चे सत्या उरांव का इलाज एक निजी क्लिनिक में कराया गया। परिजनों ने बताया कि बाद में उसे झाड़-फूंक के लिए भी ले जाया गया। फिलहाल तीनों बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। बिरयानी खाने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने की घटना के मद्देनजर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और मामले की जांच महत्वपूर्ण है।
मुखिया और जनप्रतिनिधियों ने परिजनों से ली जानकारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद चंदलासो पंचायत की मुखिया दसमति उरांव, मुखिया प्रतिनिधि अनिल उरांव और पंचायत समिति सदस्य के प्रतिनिधि बिनोद उरांव चिताकोनी गांव पहुंचे। उन्होंने बच्चों के परिजनों से घटना की जानकारी ली और बेहतर इलाज में मदद करने का प्रयास किया। अब बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति और घटना के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।






















