Chhapra Kali Bari Durga Puja: महा नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर छपरा की ऐतिहासिक कालीबाड़ी में मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच माता का पट खोला गया। इस अवसर पर बंगाली रीति-रिवाज के अनुसार माता की पूजा-अर्चना की गई। पट खुलते ही माता के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कालीबाड़ी पहुंचे।
Highlights:
1922 से जारी है कालीबाड़ी में पूजा का सिलसिला
छपरा की कालीबाड़ी में वर्ष 1922 से लगातार दुर्गापूजा आयोजित की जा रही है। इस वर्ष पूजा की परंपरा के 104 वर्ष पूरे होने का उल्लेख किया गया है। बंगाली समाज के लोग इस उत्सव को उत्साह और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मना रहे हैं।
बंगाली रीति-रिवाज से षष्ठी पर खुला माता का पट
आमतौर पर दुर्गापूजा में सप्तमी तिथि को माता का पट खोलने की परंपरा प्रचलित है, लेकिन बंगाली परंपरा के अनुसार कालीबाड़ी में षष्ठी तिथि पर ही माता के दर्शन के लिए पट खोल दिया गया। पूजा के दौरान मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
ढाक की धुन पर हुई मनोरम आरती
पूजा उत्सव के अवसर पर ऐतिहासिक कालीबाड़ी को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। बंगाल से आए ढाकी कलाकारों ने पारंपरिक ढाक बजाकर उत्सव का माहौल बनाया। उनकी प्रस्तुति के बीच माता की आरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

बनारस के पुरोहित करेंगे विशेष पूजा
आयोजन के तहत बनारस से आए पुरोहितों द्वारा माता की प्राण-प्रतिष्ठा से संबंधित विशेष पूजा किए जाने की जानकारी दी गई। यह अनुष्ठान पूजा कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। माता का पट खुलने के बाद कालीबाड़ी में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई। भक्तों ने माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और दुर्गापूजा उत्सव में भाग लिया।
रिपोर्ट: पंकज श्रीवास्तव, छपरा।






















