Jamua Filaria Test Campaign: फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने जमुआ प्रखंड में जांच और निगरानी अभियान शुरू किया है। इसके तहत तीन गांवों से कुल 900 रक्त नमूने यानी ब्लड स्लाइड संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का पता लगाना और संभावित संक्रमित लोगों की पहचान करना है।
Highlights:
तीन गांवों में होगा रक्त नमूनों का संग्रह
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमुआ के अंतर्गत चलाए जा रहे इस अभियान के लिए खरगडीहा को सेंटिनल साइट और गिद्धयो तथा करोडीह को रैंडम साइट के रूप में चुना गया है। इन तीनों स्थानों से कुल 900 ब्लड स्लाइड तैयार कर संग्रह करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत रक्त नमूने एकत्र कर रही है।
अधिकारियों ने लिया अभियान का जायजा
अभियान के दौरान ब्लॉक मलेरिया पर्यवेक्षक (MTS) अभय कुमार, पिरामल के PO-CD मो. सद्दाम, एलटी केसरी नंदन, निशांत कुमार और एमपीडब्ल्यू ने गांवों का दौरा किया। टीम ने रक्त नमूना संग्रह की प्रक्रिया और अभियान से जुड़ी गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वयं भी रक्त नमूने एकत्र किए गए। गिरिडीह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और निर्धारित लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया।
डॉ. शाकिब जमाल के नेतृत्व में चल रहा अभियान
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमुआ के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शाकिब जमाल के नेतृत्व में क्षेत्र में स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जांच अभियान के साथ लोगों को बीमारी और उसके बचाव के प्रति जागरूक भी कर रही है।
करोडीह में हुआ अभियान का शुभारंभ
ग्राम करोडीह में फाइलेरिया जांच अभियान की शुरुआत स्थानीय पूर्व विधायक केदार हाजरा की पत्नी की उपस्थिति में की गई। इस मौके पर मौजूद लोगों ने ग्रामीणों से जांच के प्रति जागरूक रहने और स्वास्थ्य विभाग की टीम को सहयोग देने की अपील की। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
मच्छरों से फैलता है फाइलेरिया संक्रमण
फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली परजीवी बीमारी है। इसे आम बोलचाल में हाथीपांव भी कहा जाता है। संक्रमण के कारण शरीर के कुछ हिस्सों, विशेषकर पैरों में असामान्य सूजन हो सकती है। शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से बीमारी के प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से जांच अभियान में भाग लेने और स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करने की अपील की है।
रिपोर्टर: मिथुन पासवान






















