झरिया: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को झरिया कोयला क्षेत्र में छह अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कोयला लिंकेज और कथित अवैध कोयला व्यापार से जुड़े एक मामले में की गई। इस ऑपरेशन के दौरान ED की रांची टीम के साथ CRPF के जवान भी मौजूद थे। टीम ने अलग-अलग जगहों पर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल की।
Highlights:
छह जगहों पर एक साथ कार्रवाई

खबरों के मुताबिक, ED का ऑपरेशन सुबह करीब 6:00 बजे झरिया थाना क्षेत्र के चौथाई कुल्ली शिव मंदिर के पास रहने वाले राजेश साव के घर से शुरू हुआ। इसके साथ ही शिमला बहाल के रहने वाले रंजीत सिंह, ओम प्रकाश सिंह और विकास पासवान; लोदना हुचुकटांड के कोयला व्यापारी गणेश यादव; और चासनाला के कांग्रेस नेता इलियाज़ आलम के घरों पर भी एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
कोयला व्यापार और GST दस्तावेजों की जांच
सूत्रों ने बताया कि सबसे लंबी कार्रवाई लोदना हुचुकटांड में कोयला व्यापारी गणेश यादव के घर और ऑफिस में हुई। ED अधिकारियों ने कोयला परिवहन, बैंक लेनदेन, जमीन के सौदों और GST फाइलिंग से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। घर में रखे अन्य दस्तावेजों की भी जांच-पड़ताल की गई। परिवार के सदस्यों के अनुसार, छापेमारी के समय गणेश यादव घर पर नहीं थे। ED टीम ने उनकी पत्नी से व्यापार और वित्तीय लेनदेन के बारे में पूछताछ की। ऑपरेशन के बाद, टीम ने कुछ दस्तावेज और एक हार्ड डिस्क जब्त कर ली। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच पर फोकस
ED सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कोयला लिंकेज मामले और कथित अवैध कोयला व्यापार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच का हिस्सा थी। जांच एजेंसी को शक है कि कुछ व्यापारी शेल कंपनियों के जरिए GST बिल बनाकर कोयला व्यापार में गड़बड़ी कर रहे थे। इन पहलुओं की जांच चल रही है।
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दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई
सभी छह जगहों पर तलाशी पूरी करने के बाद, ED टीम जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के साथ वहां से रवाना हो गई। पूरे दिन प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। ED अधिकारियों ने कहा कि जब्त दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।






















