पटना: 25 जुलाई को ‘बिहार बंद’ के दौरान सिवान में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के समय पुलिस द्वारा AK-47 से कथित तौर पर हवा में गोली चलाने की घटना एक राजनीतिक विवाद का विषय बन गई है। इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के सस्पेंशन के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के आरोपों को गुमराह करने वाला बताया है।
Highlights:
पुलिसकर्मी सस्पेंड; विभागीय जांच शुरू
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, सिवान के पुलिस अधीक्षक (SP) पूरन कुमार झा ने कॉन्स्टेबल अभिषेक कुमार पटेल जिन्होंने हथियार चलाया था को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना को लेकर केंद्र और बिहार दोनों सरकारों की आलोचना की। उन्होंने छात्रों के खिलाफ AK-47 और पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों और उनके परिवारों के खिलाफ कार्रवाई की खबरों का भी ज़िक्र किया, हालांकि उन्होंने माना कि इन खबरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी घटना की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। वहीं, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच व जवाबदेही की मांग की।
BJP ने विपक्ष के आरोपों को गुमराह करने वाला बताया
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए BJP सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसे आरोप लगाना अनुचित है। पात्रा ने विपक्ष पर घटना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे बयानों से अनावश्यक विवाद पैदा होता है।
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जांच के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी जारी
सिवान घटना की पुलिस विभाग द्वारा जांच चल रही है। इस बीच, यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं BJP विपक्ष के बयानों का विरोध करते हुए आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।






















