चंदनकियारी (बोकारो): झरिया-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर दामोदर नदी पर बना बिरसा पुल सुरक्षा के उचित इंतजाम न होने के कारण खतरनाक हो गया है। पुल की सुरक्षा के लिए लगाया गया क्रैश बैरियर पिछले एक हफ़्ते से टूटा हुआ है और रात में संकेत देने वाली सोलर लाइट भी गायब है। इससे पुल पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
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टक्कर के बाद बैरियर टूटा; अभी तक कोई मरम्मत नहीं

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले हफ़्ते एक अज्ञात तेज़ रफ़्तार वाहन पुल के किनारे लगे क्रैश बैरियर से टकरा गया था। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि लोहे का बैरियर मुड़कर टूट गया। घटना के बाद से बैरियर उसी हालत में है; न तो इसे हटाया गया है और न ही इसकी मरम्मत की गई है। टूटे हुए बैरियर के ठीक बगल में पुल के नीचे लगभग 100 से 150 फ़ीट गहरी खाई है। ऐसे में, अगर कोई वाहन अनियंत्रित होकर उस तरफ़ चला जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है।
सोलर लाइट गायब; रात में खतरा बढ़ा

वाहनों की सुरक्षा और दिशा-निर्देश के लिए पुल पर लगाई गई सोलर लाइट भी गायब है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने इसे चुरा लिया है। लाइट न होने और सड़क के किनारे झाड़ियाँ उग आने के कारण रात में पुल का रास्ता समझना मुश्किल हो जाता है। इस रास्ते से रोज़ाना बड़ी संख्या में वाहन गुज़रते हैं जिनमें छोटी कारों और बसों से लेकर भारी मालवाहक ट्रक तक शामिल हैं। अंधेरे और सुरक्षा इंतज़ामों की कमी के कारण ड्राइवरों को परेशानी हो रही है।
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स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई की मांग की
आने-जाने वालों और ग्रामीणों ने सड़क निर्माण विभाग से क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर को बदलने और जल्द से जल्द नई सोलर लाइट लगाने की अपील की है। उन्होंने पुल के दोनों सिरों पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की है ताकि रात में ड्राइवरों को सुरक्षित रूप से गाड़ी चलाने में मदद मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि मॉनसून के मौसम में कम दृश्यता (visibility) के कारण खतरा और बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा इंतज़ामों को तुरंत ठीक करने की अपील की है।






















