चेन्नई: टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए टेस्ट टीम में वापसी की अपनी दावेदारी को एक बार फिर मजबूत किया है। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ नाबाद शतक जड़ा। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक ईशान किशन 111 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी पारी में 14 चौके और दो छक्के शामिल रहे। उनके प्रदर्शन की बदौलत ईस्ट जोन ने पहले दिन चार विकेट पर 385 रन बनाए। यह ईशान के प्रथम श्रेणी करियर का 10वां शतक भी रहा।
Highlights:
2023 के बाद नहीं मिला टेस्ट क्रिकेट में मौका
ईशान किशन ने भारत के लिए अब तक दो टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें आखिरी बार वर्ष 2023 में वेस्टइंडीज दौरे के दौरान टेस्ट टीम में खेलने का मौका मिला था। इसके बाद वह टेस्ट टीम से बाहर रहे। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर वह चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहे हैं। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में उनका शतक ऐसे समय आया, जब भारतीय टीम में विकेटकीपर बल्लेबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी मजबूत है।
रणजी ट्रॉफी में 173 रन से भी बनाई थी मजबूत दावेदारी
ईशान किशन ने सिर्फ सीमित ओवर क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि रेड-बॉल क्रिकेट में भी लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। रणजी ट्रॉफी में झारखंड की ओर से खेलते हुए तमिलनाडु के खिलाफ 173 रन की बड़ी पारी खेलकर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी क्षमता दिखाई थी। इसके बाद दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए उनका प्रदर्शन भी चर्चा में रहा। सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ उन्होंने महत्वपूर्ण नाबाद पारी खेलकर टीम को फाइनल तक पहुंचाने में योगदान दिया था।
पंत और जुरेल से मिलेगी कड़ी चुनौती
टेस्ट टीम में वापसी का रास्ता ईशान किशन के लिए आसान नहीं है। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल पहले से ही मजबूत दावेदार माने जाते हैं। इसके अलावा टेस्ट टीम में बल्लेबाजी स्थानों के लिए भी कई युवा खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। ऐसे में सिर्फ एक बड़ी पारी के आधार पर टीम में वापसी की उम्मीद करना मुश्किल होगा। ईशान को घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखना होगा।
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क्या शतक के बाद खुलेगा टीम इंडिया का दरवाजा?
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन का नाबाद 111 रन निश्चित रूप से उनके लिए महत्वपूर्ण प्रदर्शन माना जा रहा है। इस मुकाबले के दौरान मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर भी मौजूद थे, जिससे उनकी पारी को लेकर चर्चा और बढ़ गई है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईशान किशन की टेस्ट टीम में वापसी तय है। लेकिन रणजी ट्रॉफी की बड़ी पारी और दलीप ट्रॉफी के शतक ने इतना जरूर साबित किया है कि उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी दावेदारी खत्म नहीं होने दी है। अब चयनकर्ताओं की नजर उनके आगामी घरेलू मुकाबलों में निरंतर प्रदर्शन पर रहेगी। टेस्ट टीम का दरवाजा खुलता है या नहीं, इसका फैसला भविष्य के प्रदर्शन और टीम की जरूरतों पर निर्भर करेगा।






















