CCL गोविंदपुर परियोजना कार्यालय में CBI की छापेमारी
CCL Govindpur CBI Raid: CCL कथारा एरिया की गोविंदपुर परियोजना कार्यालय में शुक्रवार को धनबाद CBI की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई इंस्पेक्टर रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में की गई। जानकारी के अनुसार, CBI की टीम सुबह करीब साढ़े 11 बजे परियोजना कार्यालय पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। इस दौरान CMPF डीलिंग क्लर्क मेघलाल महतो और पेंशन डीलिंग क्लर्क मोहम्मद इम्तियाज को 18 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद CBI टीम दोनों कर्मचारियों को अपने साथ ले गई।
Highlights:
सेवानिवृत्त कर्मचारी के CMPF और पेंशन भुगतान का मामला
मामला एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के CMPF और पेंशन भुगतान से जुड़ा बताया जा रहा है। गोविंदपुर परियोजना के सर्वे विभाग में कार्यरत जनता नगर निवासी रसूल जमा करीब सात महीने पहले सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के कई महीने गुजरने के बाद भी उनका CMPF और पेंशन भुगतान लंबित था। आरोप है कि भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और जल्द राशि दिलाने के बदले दोनों डीलिंग क्लर्कों ने उनसे रिश्वत की मांग की थी। लगातार परेशानी के बाद रसूल जमा ने मामले की शिकायत धनबाद CBI से की।
शिकायत के बाद CBI ने तैयार किया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद CBI ने पहले मामले की जांच और शिकायत की पुष्टि की। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई गई। शुक्रवार को पूर्व कर्मचारी रसूल जमा ने कथित तौर पर दोनों क्लर्कों को 18 हजार रुपये की रिश्वत दी। इसी दौरान पहले से मौके पर मौजूद CBI टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मचारियों को पकड़ लिया। CBI की कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद किए जाने की जानकारी है।
अचानक कार्रवाई से परियोजना कार्यालय में मचा हड़कंप
CBI की अचानक हुई कार्रवाई के बाद गोविंदपुर परियोजना कार्यालय में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों के बीच भी कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। CBI टीम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अपने साथ ले गई। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी है।
यह भी पढ़ें: Chhathi Maiya Song: बिहार की छठ आस्था अब बॉलीवुड में, ‘द वन’ के गाने ने रिलीज होते ही खींचा ध्यान
रिश्वत मामले में आगे की कार्रवाई जारी
CBI की कार्रवाई के बाद अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वत की मांग और लंबित भुगतान के मामले में दोनों कर्मचारियों की भूमिका क्या थी। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और CBI की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।






















