जमुआ: गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत खरगडीहा में स्थित लांगेश्वरी बाबा के समाधि स्थल पर कल पूस पूर्णिमा के अवसर पर चादर पोसी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा की समाधि पर चादर चढ़ाने पहुंचते हैं।
परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष पूस पूर्णिमा के दिन सबसे पहले जमुआ थाना प्रभारी द्वारा चादर पोसी की जाती है। इसके बाद श्रद्धालु नियमबद्ध तरीके से बाबा की समाधि पर चादर चढ़ाते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन की बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि चादर पोसी में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 1857 ईस्वी में कुछ नागा साधुओं का एक दल खरगडीहा गांव से गुजर रहा था। उस समय वहां खरगडीहा थाना हुआ करता था। इसी दौरान एक नागा साधु थाना परिसर में ही रुक गए, जिन्हें बाद में लांगेश्वरी बाबा के नाम से जाना गया।
वर्ष 1910 ईस्वी में बाबा के शरीर त्यागने के बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने मिलकर बाबा की समाधि का निर्माण कराया। तभी से लेकर आज तक हर वर्ष पूस पूर्णिमा के अवसर पर बाबा की समाधि स्थल पर श्रद्धालुओं द्वारा चादर पोसी की परंपरा निभाई जा रही है।






















