खेत में पानी पटाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
Chhapra Electric Shock Death: सारण जिले के परसा नगर पंचायत क्षेत्र के खोजौली गांव में बुधवार को करंट की चपेट में आने से मां और बेटे की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों बैंगन के खेत में पानी पटाने के लिए गए थे। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बेटे को बचाने पहुंची मां भी करंट की चपेट में आई
मृतकों की पहचान डेरनी थाना क्षेत्र के खजौली निवासी जयप्रकाश सिंह उर्फ साधु की 45 वर्षीय पत्नी रिंकू देवी और उनके 14 वर्षीय बेटे राहुल कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह रिंकू देवी और राहुल कुमार घर से कुछ दूरी पर शोभे परसा गांव के समीप स्थित बैंगन के खेत में पानी पटाने गए थे। खेत में पानी देने के लिए एक मोटर का इस्तेमाल किया जा रहा था। बताया गया कि मोटर के तार में करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान राहुल कुमार बिजली की चपेट में आ गया। बेटे को करंट में फंसा देखकर उसकी मां रिंकू देवी उसे बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। पति जयप्रकाश सिंह, पूर्व वार्ड पार्षद शिव कुमार सिंह और अन्य ग्रामीणों ने आनन-फानन में दोनों को सरकारी अस्पताल, परसा पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद मां-बेटे को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतका की बेटी प्रिया कुमारी, बेटे विनय कुमार, ससुर भूटेली सिंह और सास शैल देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
घटना की सूचना मिलने पर परसा थानाध्यक्ष ओम प्रकाश और डेरनी थाना के एसआई त्रिपुरारी सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस घटना के कारणों और मोटर के बिजली कनेक्शन से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
एक साथ मां-बेटे की मौत से गांव में मातम
इस हृदयविदारक घटना के बाद खोजौली और खजौली गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई है। हादसे ने खेतों में बिजली के उपकरणों और खुले तारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली मोटर और बिजली के तारों की नियमित जांच बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।






















