DAV Koyla Nagar Mahayagya: बुधवार को कोयला नगर के DAV पब्लिक स्कूल में वैदिक संस्कृति, पारंपरिक मूल्यों और युवाओं में जागरूकता का एक प्रेरणादायक संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में ’51-कुंडीय महायज्ञ’, चरित्र-निर्माण शिविर और प्रतिभाशाली छात्रों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान, हजारों छात्रों ने नशा-मुक्त भारत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
Highlights:
वैदिक रीति-रिवाजों से कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रों के उच्चारण, हवन-पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। ‘वैदिक ज्ञान के माध्यम से युवा सशक्तिकरण’ की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और अनुशासित जीवन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
‘नो नशा नेशन’ अभियान: मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘नो नशा नेशन’ अभियान था। हजारों छात्रों ने एक साथ नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने और समाज को नशा-मुक्त बनाने के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक नारे लगाए:
“युवा शक्ति का है यह नारा: नशा-मुक्त हो हिंदुस्तान हमारा।”
प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह छात्रों को आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

नैतिक शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं से नैतिक मूल्यों को अपनाने, अनुशासित जीवन जीने और राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैदिक मूल्यों के माध्यम से युवाओं को सही दिशा दिखाकर एक स्वस्थ, जागरूक और नशा-मुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

छात्रों और अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। वैदिक रीति-रिवाजों, चरित्र-निर्माण से जुड़े संदेशों और नशीले पदार्थों के खिलाफ संकल्प ने इस कार्यक्रम को प्रेरणादायक और यादगार बना दिया।






















