जामताड़ा:झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के अपने ही जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। नाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के अभाव में सड़क दुर्घटना में घायल एक मासूम बच्चे की मौत हो गई।
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घटना के बाद ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में तीव्र आक्रोश व्यक्त किया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि मंत्री के जिले में भी इस तरह की लापरवाही से मौत हो रही है, तो आम जनता कहां जाएगी?
प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी और नाला थाना प्रभारी दल-बल के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और स्वास्थ्य कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा। मृतक के परिजनों को प्रशासन की ओर से सांत्वना दी गई।
वहीं, मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. आनंद मोहन ने स्वीकार किया कि प्राथमिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है।
उन्होंने कहा — “मामले की जांच चल रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी और मृतक परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।”
🔹 भाजपा का हल्ला बोल
घटना पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने स्वास्थ्य मंत्री और विभाग दोनों पर तीखा प्रहार किया।
“यह शर्मनाक है कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के अपने ही क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। जब यहां यह हाल है, तो बाकी जिलों में क्या उम्मीद की जाए?” — सुमित शरण
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो भाजपा कार्यकर्ता इसी स्थान पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरान पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल, जिला उपाध्यक्ष रणजीत तिवारी, जिला सह-मीडिया प्रभारी प्रदीप राउत, समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि —
“यह सिर्फ एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की मौत है। इसके लिए मंत्री से लेकर अस्पताल प्रशासन तक सभी जिम्मेदार हैं।”






















