Dhanbad private hospital vivad: धनबाद पुलिस स्टेशन के इलाके में आने वाले बरटांड के एक प्राइवेट अस्पताल में शुक्रवार को एक मरीज़ की मौत के बाद भारी हंगामा हुआ। परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल मैनेजमेंट ने बकाया बिल का भुगतान होने तक शव सौंपने से इनकार कर दिया। विरोध में रिश्तेदारों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया और स्टाफ़ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
Highlights:
सड़क हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरिडीह के रहने वाले मिथिलेश पासवान 20 जून को एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए धनबाद के बरटांड स्थित जालान अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों तक इलाज चलने के बाद शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप: ₹4 लाख खर्च होने के बाद भी बकाया पैसे की मांग
मृतक के परिवार ने बताया कि इलाज पर पहले ही लगभग ₹4 लाख खर्च हो चुके थे। इसके बावजूद, अस्पताल मैनेजमेंट शव सौंपने से पहले लगभग ₹50,000 के बकाया बिल के भुगतान पर अड़ा रहा। इससे विवाद हुआ और परिवार वालों ने अस्पताल में हंगामा किया।
गलत इलाज के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक की बहन ने आरोप लगाया कि उनके भाई को दिल से जुड़ी कोई बीमारी नहीं थी, फिर भी उनका इलाज किसी दूसरे मरीज़ की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस गलती के कारण मरीज़ की हालत बिगड़ गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है।
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अस्पताल मैनेजमेंट ने आरोपों को नकारा
अस्पताल मैनेजमेंट ने परिवार के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। अस्पताल ने कहा कि सड़क हादसे में मरीज़ के सिर में गंभीर चोट लगी थी और इलाज के दौरान इन्फेक्शन बिगड़ने से उनकी मौत हुई। मैनेजमेंट के मुताबिक, हंगामा होने की जानकारी मिलने पर पुलिस को बुलाया गया और शव उन्हें सौंप दिया गया। अब पोस्टमार्टम होगा या नहीं, इसका फ़ैसला पुलिस और प्रशासन को करना है।
पुलिस ने जांच शुरू की
धनबाद पुलिस ने बताया कि मरीज़ की मौत और उसके बाद हुए हंगामे की जानकारी मिलने के बाद एक टीम मौके पर पहुंची। पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






















