राजगंज: राजगंज में इन दिनों भू-माफियाओं का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों का आरोप है—सरकारी तंत्र भी भू-माफियाओं के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
रविवार को राजगंज थाना क्षेत्र के धावाचिता पंचायत अंतर्गत सालदाहा मौजा से सैकड़ों महिला और पुरुष राजगंज थाना पहुंचे। ये सभी ग्रामीण उस मामले के खिलाफ गुहार लगाने आए थे, जो कथित रूप से भू-माफियाओं द्वारा सरकारी जमीन सहित ग्रामीणों की पुस्तैनी जमीन हड़पने के प्रयास का विरोध करने पर उनके खिलाफ दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, 21 दिसंबर को एक कथित भू-स्वामी ने राजगंज थाने में आवेदन देकर ग्रामीणों पर हंगामा, मारपीट और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। इसके आधार पर राजगंज थाने में ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। मामला दर्ज होने के बाद कोर्ट द्वारा ग्रामीणों को नोटिस भेजा गया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, उनमें से कई घटना के समय मौके पर मौजूद भी नहीं थे। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर विवाद है, उसके एक बड़े हिस्से पर वे पीढ़ियों से रह रहे हैं और शेष जमीन का भी लंबे समय से उपयोग करते आ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, 17 दिसंबर को एक व्यक्ति जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचा और जमीन पर अपना दावा करते हुए खाली करने को कहा। ग्रामीणों का सवाल है कि वे अचानक जमीन कैसे खाली कर दें, जबकि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिस जमीन पर दावा किया जा रहा है, वह पांच एकड़ से अधिक है, जिसमें सालदाहा स्थित छोटी पहाड़ी का बड़ा हिस्सा शामिल है, जो सरकारी जमीन है। ग्रामीणों ने इस सरकारी जमीन की कथित रजिस्ट्री की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत मुखिया के नेतृत्व में बैठक कर सभी पक्ष अपने-अपने कागजात प्रस्तुत करें और जो भी सही हो, उसके आधार पर निर्णय लिया जाए। लेकिन आरोप है कि दूसरे पक्ष द्वारा ग्रामीणों पर केस-मुकदमे थोपकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल राजगंज थाना की ओर से ग्रामीणों को आगामी 10 जनवरी को थाने बुलाया गया है, जहां आमने-सामने बैठक कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।






















