गिरिडीह: बेंगाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत बारासोली में ज़मीन का विवाद एक बार फिर चर्चा में है। शिकायतकर्ता डॉ. राजेश कुमार दुबे ने बेंगाबाद थाने में लिखित आवेदन देकर नौ नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों पर ज़बरदस्ती घर में घुसने, ताले तोड़ने, सामान हटाने और परिसर पर कब्ज़ा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
Highlights:
धारा 163 लागू होने के बावजूद घटना का आरोप

शिकायत के अनुसार, बारासोली में खाता नंबर 02 और प्लॉट नंबर 379 पर डॉ. राजेश कुमार दुबे के नाम से दर्ज ज़मीन पर कमर्शियल इस्तेमाल के लिए एक घर और दुकान बनाई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस जगह पर पहले से ही BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 163 लागू है। इसके बावजूद, 1 जुलाई को दोपहर करीब 12:00 बजे 30-35 लोगों का एक समूह कई दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों से वहां पहुंचा। आरोप है कि लाठी, रॉड और अन्य चीज़ों से लैस इस समूह ने घर का ताला तोड़ा और परिसर में घुस गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अंदर रखा गैस सिलेंडर हटा दिया गया और परिसर में नया ताला लगा दिया गया।
नौ नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों पर आरोप
डॉ. राजेश कुमार दुबे की शिकायत में संदीप लाल बरनवाल (उर्फ संदीप मोदी), अनिल कुमार यादव, मुकेश यादव, उपेंद्र मोदी, बिनोद यादव, वीरेंद्र यादव (उर्फ मंटू यादव), सूरज ठाकुर, छोटेलाल यादव और प्रेम यादव को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा, इस मामले में 20-25 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बताया गया है।
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पुराने विवादों और नुकसान के आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह ऐसी पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, इसी ज़मीन विवाद से जुड़े होटल, मार्केट और अन्य संपत्तियों में तोड़-फोड़ और नुकसान की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि इन बार-बार होने वाली घटनाओं के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की इस मामले में, कुछ स्थानीय ग्रामीणों और ज़मीन बेचने वालों ने डॉ. राजेश दुबे के समर्थन में बयान दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ज़मीन कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार बेची गई थी। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस रिपोर्ट को लिखे जाने के समय तक दूसरे पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।






















