धनबाद: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, उक्त क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर से अधिक लंबी नाली निर्माण का कार्य कराया गया है। लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है। लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण में चिमनी भट्ठा की जगह बांग्ला भट्ठा की ईंटों का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है।
नाली निर्माण में प्रयोग होने वाले छड़ समेत अन्य सामग्री भी घटिया किस्म की है। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा कार्य को जैसे-तैसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप—
स्थानीय निवासी किरण सिंह, सुलेखा देवी, करण बाउरी, सुमित्रा देवी, बिजली देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है।
कहीं नाली का ढक्कन बंद है तो कहीं खुला छोड़ दिया गया है। कई स्थानों पर नवनिर्मित नालियों से पानी का रिसाव हो रहा है, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं की जा रही।
नाली का सही निकास नहीं होने के कारण पानी सड़कों पर बह रहा है। नालियों में कचरे का अंबार लगा हुआ है और घरों से निकलने वाले पानी को नाली से जोड़ने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।
इतना ही नहीं, कई जगहों पर मसाले का सही अनुपात में प्रयोग नहीं किया गया है, जिससे नाली की दीवारों में गिट्टी और रॉड साफ दिखाई दे रहे हैं।
मांग—
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि इस पूरे नाली निर्माण कार्य की जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।






















