रांची: राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में मंगलवार को तीन दिवसीय झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मेले के लोगो का लोकार्पण किया और किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं तथा विभिन्न प्रतिभागियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में टाना भगत परिवारों को चार दुधारू पशुओं के शेड निर्माण के लिए शत-प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान की। साथ ही राज्य के उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया, पशु चिकित्सक एवं अनुसेवक पदों के लिए नियुक्ति पत्र वितरित किए तथा 209 लाभुकों को डिजिटल एआई किट भी प्रदान की।
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जल संरक्षण और खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की लगभग 80 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए किसानों से जल संरक्षण और जल संचयन पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भूजल का लगातार दोहन हो रहा है और भविष्य में पेयजल तथा सिंचाई जल का संकट गहरा सकता है। ऐसे में किसानों को अपने खेतों और बंजर भूमि में जल संचयन की व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिल सके।

विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंधाधुंध शहरीकरण और विकास कार्यों के कारण पुराने जंगल तेजी से खत्म हो रहे हैं। उन्होंने विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पेड़, पानी और हरियाली केवल पर्यावरण ही नहीं बल्कि पशुधन और मानव जीवन की भी आधारशिला हैं। इसलिए विकास की दौड़ में पर्यावरण संरक्षण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बिरसा हरित ग्राम योजना को मिली वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत बंजर भूमि पर लगाए गए फलदार पौधों से किसानों की आय बढ़ रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सिमडेगा जिले की जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाओं द्वारा उत्पादित आम अब लंदन तक निर्यात हो रहा है। यह किसानों और सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 1.50 लाख एकड़ बंजर भूमि पर वृक्षारोपण का कार्य किया गया है।

जैविक खेती और किसानों के सम्मान पर जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों और हानिकारक पदार्थों के सीमित उपयोग की अपील करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और झारखंड को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि राज्य के प्रगतिशील और आधुनिक तकनीक अपनाने वाले किसानों की मैपिंग की जाए। उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को “मुख्यमंत्री सम्मान” के तहत सम्मानित किया जाएगा और उन्हें तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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किसानों के लिए बनेगा विशेष डिजिटल पोर्टल
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को किसानों की समस्याओं, सुझावों और जिज्ञासाओं के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित करने का निर्देश दिया। इस पोर्टल के माध्यम से किसान सीधे अपनी बात सरकार और विशेषज्ञों तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और किसानों की साझा जिम्मेदारी से ही कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। “आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी जिम्मेदारी किसानों को उठानी होगी। जब दोनों मिलकर प्रयास करेंगे तो झारखंड के किसानों को कोई हरा नहीं सकता।”
18 जून तक चलेगा कृषि व्यापार मेला
16 से 18 जून 2026 तक आयोजित इस मेले में राज्यभर के प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। मेले में सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के लगभग 200 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि क्षेत्र से जुड़े नवाचार, तकनीक और आधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक सुरेश कुमार बैठा, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






















