INDIA Bloc Rally: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की महारैली को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। रैली के लिए मैदान में तिरंगे रंग का विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं के लिए मुख्य मंच बनाया गया है, जबकि गठबंधन के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के लिए अलग मंच की व्यवस्था की जा रही है। मैदान में बड़ी संख्या में कुर्सियां लगाई जा रही हैं। सफेद कैनोपी वाले पंडाल और अस्थायी मंच भी तैयार किए जा रहे हैं। भीड़ की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जा रही है। रैली का आयोजन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों के विरोध में किया जा रहा है। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। रैली सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक प्रस्तावित है। विपक्षी दलों ने इसे एसआइआर के मुद्दे पर अपनी एकजुटता दिखाने का कार्यक्रम बताया है।
Highlights:
14 जोन में बांटा गया रामलीला मैदान
रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार की है। रामलीला मैदान को 14 जोन और आठ क्षेत्रों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 3500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना है। इसके अलावा 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए मैदान और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जाएगी। शुक्रवार को मैदान में पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर ब्रीफिंग की गई। पुलिस की टीमें आयोजनकर्ताओं, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही हैं, ताकि रैली के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
आठ में से तीन गेटों से मिलेगा प्रवेश
मैदान में प्रवेश के लिए आठ गेटों में से तीन गेट आम लोगों के लिए खोले जाने की व्यवस्था है। प्रवेश करने वालों की दो स्तरों पर जांच की जाएगी। वीवीआइपी लोगों के लिए अलग प्रवेश द्वार निर्धारित किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से मैदान के आसपास भी निगरानी और जांच की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस ने आयोजकों को निर्देश दिया है कि वे मैदान में पीने के पानी, महिलाओं के लिए अलग शौचालय और पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था करें। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाने को भी कहा गया है। आयोजकों से रैली में शामिल होने वाले लोगों, स्वयंसेवकों और वाहनों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
वाहनों की पार्किंग और यातायात पर विशेष नजर
रैली में आने वाली बसों और अन्य वाहनों की पार्किंग दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों के अनुसार होगी। आयोजकों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और संबंधित एजेंसियों के साथ सहयोग करने को कहा गया है। रैली के दौरान मैदान और आसपास के प्रमुख मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।
शाम पांच बजे तक समाप्त करना होगा कार्यक्रम
प्रशासन ने रैली के लिए समय संबंधी शर्तें भी तय की हैं। कार्यक्रम को शाम पांच बजे तक समाप्त करना होगा, ताकि मैदान से लोगों की सुरक्षित और व्यवस्थित निकासी कराई जा सके। आयोजन स्थल पर रात में रुकने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा रैली के बाद जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालने की भी अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कार्यक्रम के दौरान कोई अव्यवस्था न हो और ऐसे भाषण या गतिविधियां न हों, जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो। प्रशासन की नजर रैली में आने वाली भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर रहेगी।






















