Anant Singh Surrender December 1: सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि वह 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे। अनंत सिंह ने उम्मीद जताई कि उन्हें अदालत से जमानत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक विरोध, दुलारचंद यादव हत्याकांड और पार्टी के भीतर की परिस्थितियों को लेकर भी कई बातें कहीं।
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1 दिसंबर को सरेंडर करने की कही बात

सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद अनंत सिंह ने अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह आगामी 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे। अनंत सिंह को उम्मीद है कि सरेंडर के बाद उन्हें अदालत से जमानत मिल जाएगी। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायालय से उन्हें राहत मिलेगी।
अनंत सिंह की इस प्रतिक्रिया के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर मोकामा और उनसे जुड़े घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल उन्होंने अपनी ओर से सरेंडर की तारीख का ऐलान किया है।
नीरज कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी का विरोध नहीं किया था, बल्कि उनका विरोध नीरज कुमार से था। उन्होंने दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। अनंत सिंह का दावा है कि दुलारचंद यादव की हत्या नीरज कुमार ने करवाई है। हालांकि, यह अनंत सिंह का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें मामले में फंसाया गया है। उनके मुताबिक, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों के पीछे भी नीरज कुमार की भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने जो कहा, सरकार और पार्टी ने उसी के अनुसार कार्रवाई की। अनंत सिंह ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर नाराजगी जाहिर की।
नीतीश कुमार और ललन सिंह से दूरी बनाने की बात
अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार ठीक रहते तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के गड़बड़ाने के बाद यह सब हुआ है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह न तो नीतीश कुमार से मिलेंगे और न ही ललन सिंह से।
उनके इस बयान को पार्टी के मौजूदा घटनाक्रम और नेताओं के साथ उनके संबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है। अनंत सिंह ने पार्टी के भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए खाता खोलना भी मुश्किल होगा। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत वजह नहीं बताई।
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बेटे के चुनाव लड़ने पर क्या बोले अनंत सिंह?
बातचीत के दौरान अनंत सिंह से उनके बेटे के चुनाव लड़ने को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि उनका बेटा चुनाव लड़े, लेकिन अब यह उसके अपने फैसले पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अब बेटे की मर्जी है कि वह चुनाव लड़ना चाहता है या नहीं।
अपने बयान के अंत में अनंत सिंह ने कहा, ‘मेरे साथ जिसने जुल्म किया, भगवान उसे दिखाएगा।’ इस तरह उन्होंने एक ओर 1 दिसंबर को सरेंडर करने की घोषणा की, वहीं दूसरी ओर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई और राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। अनंत सिंह के बयान में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल उनके सरेंडर की बताई गई तारीख और अदालत से जमानत मिलने की उम्मीद पर सबकी नजर रहेगी।






















