Anant Singh JDU Expulsion: बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों से पहले राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से छह साल के लिए निष्कासित किए गए मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि आगामी चुनाव में जेडीयू केवल 12 सीटों पर सिमट जाएगी। इस बीच, उनके आवास पर रसगुल्ले बनाने और भोज की तैयारी की खबरें भी सामने आई हैं।
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जेडीयू पर अनंत सिंह का तीखा हमला
एक मीडिया चैनल से बातचीत में अनंत सिंह ने जेडीयू की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को अब अपनी स्थिति का अंदाजा हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जेडीयू को केवल 12 सीटें मिलेंगी। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी पर उनका कोई दावा नहीं है और उन्हें निष्कासन से कोई परेशानी नहीं है। उनके बयान के बाद बिहार की सियासत में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, 12 सीटों पर सिमटने का उनका दावा राजनीतिक बयान है, चुनाव परिणाम नहीं।
नीतीश कुमार के प्रति जताई निष्ठा
अनंत सिंह ने बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि वह पहले भी नीतीश कुमार के साथ थे और आगे भी उनके प्रति सम्मान बनाए रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार पार्टी में सक्रिय रूप से मौजूद होते, तो शायद उन्हें निष्कासित नहीं किया जाता। अनंत सिंह ने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि अब पार्टी पर ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ गया है, जिनके हाथों में पहले इतनी जिम्मेदारी नहीं थी।
आवास पर रसगुल्ले और भोज की तैयारी
जेडीयू से निष्कासन के बाद भी अनंत सिंह के आवास पर हलचल की खबर है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां हलवाई रसगुल्ले तैयार कर रहे थे और भोज की व्यवस्था की जा रही थी। शनिवार रात आतिशबाजी होने की बात भी सामने आई है। अनंत सिंह के समर्थकों ने दावा किया कि पार्टी की कार्रवाई से उन्हें कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, आवास पर जश्न की तैयारियों का संबंध चुनाव परिणाम से है या किसी अन्य वजह से, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
नीरज कुमार के बजाय अनुज सिंह का किया था समर्थन
बिहार विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह ने जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। उन्होंने अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया और वोट मांगे। इस दौरान नीरज कुमार को लेकर भी उन्होंने कई बयान दिए थे। पार्टी के भीतर इस विरोध को अनुशासनहीनता के रूप में देखा गया। इसके बाद जेडीयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर करने की कोशिशों की भी खबरें सामने आई थीं।
27 अक्टूबर को आएगा चुनाव का परिणाम
बिहार विधान परिषद चुनाव के परिणाम 27 अक्टूबर को आने की बात कही गई है। नतीजों से पहले अनंत सिंह का बयान और जेडीयू की कार्रवाई राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। अब चुनाव परिणाम से स्पष्ट होगा कि विभिन्न दलों और उम्मीदवारों को कितना समर्थन मिलता है। फिलहाल अनंत सिंह के दावे और जेडीयू के साथ उनका विवाद बिहार की राजनीति में सुर्खियां बटोर रहा है।






















