Dhanbad Public Accounts Committee Meeting: झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति ने धनबाद सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों, ऑडिट आपत्तियों और राजस्व वसूली की स्थिति का जायजा लिया। समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में धनबाद के उपायुक्त सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही। बैठक में सरकारी राजस्व की वसूली में तेजी लाने और विकास योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया गया।
Highlights:
लंबित मामलों और ऑडिट आपत्तियों की समीक्षा

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों में लंबित मामलों और ऑडिट आपत्तियों की स्थिति पर चर्चा की गई। समिति ने संबंधित अधिकारियों को बचे हुए मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, जिन मामलों में वसूली की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उनमें आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रगति लाने पर जोर दिया गया।
50 प्रतिशत से अधिक मामलों में रिकवरी की जानकारी
समीक्षा के दौरान समिति को बताया गया कि 50 प्रतिशत से अधिक मामलों में रिकवरी की जा चुकी है। शेष मामलों में भी जल्द वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। समिति ने सरकारी राजस्व संग्रह में तेजी लाने और लंबित देनदारियों के निपटारे के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने पर बल दिया।
पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा करने पर जोर
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की लंबित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। समिति ने इन योजनाओं को जल्द पूरा करने और प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने तथा जरूरत वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
खनन और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की समीक्षा
खनन से जुड़े दिशा-निर्देशों और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। समिति ने संबंधित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करने का निर्णय लिया, ताकि नियमों के पालन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। निरीक्षण के माध्यम से खनन गतिविधियों से जुड़े निर्धारित मानकों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।
विकास योजनाओं और राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में समिति ने लंबित मामलों के निष्पादन, सरकारी राजस्व की वसूली और विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने को प्राथमिकता देने की बात कही। संबंधित विभागों को निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए लंबित कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यों की समीक्षा करना, ऑडिट आपत्तियों के निपटारे में प्रगति लाना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बनाना रहा।






















