पटना: ‘बिहार बंद’ के दौरान हुई हिंसा और हंगामे के सिलसिले में जनशक्ति जनता दल (JJD) नेता तेज प्रताप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देर रात करीब 12:15 बजे उन्हें नौबतपुर थाने से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया; इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजने का आदेश दिया।
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दिन भर विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहे
शनिवार को तेज प्रताप यादव गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। बाद में वे कोतवाली और गांधी मैदान थाना क्षेत्रों में आयोजित विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल हुए। इन कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक उनके साथ थे।
झड़प और पत्थरबाजी के बाद पुलिस की कार्रवाई
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और कई जगहों पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। पुलिस के अनुसार, गांधी मैदान थाने के SHO अखिलेश मिश्रा और TOP इंचार्ज प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद तेज प्रताप यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि तेज प्रताप यादव को दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
सिटी सेंटर मॉल में फिर से हिरासत में लिया गया
पुलिस के अनुसार, पहली बार हिरासत में लिए जाने के बाद तेज प्रताप यादव पटना के सिटी सेंटर मॉल में पाए गए। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने उन्हें फिर से हिरासत में लिया और नौबतपुर थाने ले गई; पूछताछ और मेडिकल जांच के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। गिरफ्तारी के समय मौजूद अधिकारियों में SP (पटना वेस्ट) और SDPO (लॉ एंड ऑर्डर-2) कोमल मीणा शामिल थे। उनके साथ उनके पर्सनल असिस्टेंट (PA) और कुछ सहयोगी भी मौजूद थे।
हिरासत में छात्रों के समर्थन में बयान
हिरासत में लिए जाने के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा, “मैं छात्रों के साथ खड़ा हूं और उनके अधिकारों के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हूं।” पुलिस कार्रवाई के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह बयान दिया।
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बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में 423 लोग हिरासत में
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, ‘बिहार बंद’ के दौरान हुई हिंसा और अशांति के सिलसिले में अब तक 423 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई राज्य के सबसे ज़्यादा प्रभावित 10 ज़िलों में की गई है। अकेले पटना से ही लगभग 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जिन लोगों की हिंसा और गड़बड़ी में शामिल होने की बात साबित होगी, उनके ख़िलाफ़ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।























