Patna News: पटना के बोरिंग रोड पर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर की ज़मीन को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर प्रबंधन का आरोप है कि ज़मीन माफ़िया ने मंदिर की दो एकड़ से ज़्यादा ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर लिया है। मंदिर समिति का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों में कई बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मंदिर के अधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि वे अवैध कब्ज़ा हटाएँ और मंदिर की ज़मीन को सुरक्षित करें।
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मंदिर सचिव के गंभीर आरोप
मंदिर सचिव विनय कुमार ने बताया कि पहले मंदिर के एक एडमिनिस्ट्रेटर का अपहरण कर लिया गया था। उनका दावा है कि घटना के कई साल बीत जाने के बाद भी यह मामला अनसुलझा है। उन्होंने आगे कहा कि मंदिर की ज़मीन को कब्ज़े से मुक्त कराने के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड, ज़िला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बार-बार अपील की गई है, फिर भी यह मुद्दा अनसुलझा ही है।
प्रशासन और स्थानीय पुलिस पर सवाल
मंदिर प्रबंधन का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त कार्रवाई न होने के कारण अवैध कब्ज़े की समस्या बनी हुई है। समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो मंदिर की बची हुई ज़मीन पर भी खतरा मंडरा सकता है। हालाँकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक प्रशासन या पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
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निष्पक्ष सरकारी कार्रवाई की मांग
मंदिर समिति के अध्यक्ष राजू कुमार और सचिव विनय कुमार ने इस मामले की निष्पक्ष सरकारी जाँच और मंदिर की ज़मीन को कब्ज़े से मुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है। समिति ने संबंधित विभागों से पूरे मामले की जाँच करने और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई करने का भी आग्रह किया है।
जाँच और प्रशासनिक कार्रवाई पर ज़ोर
फिलहाल, यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर प्रबंधन द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई संबंधित जाँच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन क्या कदम उठाता है और मंदिर की ज़मीन से जुड़ा यह विवाद कैसे सुलझता है।






















