Rail Madad Dhanbad: धनबाद रेल मंडल की त्वरित कार्रवाई से ट्रेन में प्रसव पीड़ा से गुजर रही एक महिला यात्री और उसके नवजात शिशु को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। रेल मदद के माध्यम से सूचना मिलते ही रेलवे के विभिन्न विभागों ने आपसी समन्वय से कार्रवाई की और लातेहार स्टेशन पर महिला एवं बच्चे को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर अस्पताल पहुंचाया।
Highlights:
ट्रेन में प्रसव पीड़ा की मिली सूचना
जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 08611 संतरागाछी-अजमेर स्पेशल ट्रेन के साधारण श्रेणी के कोच में एक महिला यात्री रांची स्टेशन से डाल्टनगंज स्टेशन तक यात्रा कर रही थी। यात्रा के दौरान महिला को प्रसव पीड़ा हुई और ट्रेन में ही उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया। इस घटना की सूचना रेल मदद, धनबाद को मिली। सूचना प्राप्त होते ही रेल मदद की टीम ने बिना देरी किए संबंधित रेलवे विभागों को इसकी जानकारी दी।
रेल मदद ने तुरंत सक्रिय किए संबंधित विभाग
सूचना मिलने के बाद रेल मदद धनबाद ने वाणिज्य विभाग, परिचालन विभाग और रेलवे सुरक्षा बल को तत्काल सूचित किया। महिला यात्री और नवजात की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई शुरू की। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने ट्रेन के अगले उपयुक्त स्टेशन पर महिला और बच्चे को सुरक्षित तरीके से उतारने की व्यवस्था की।
लातेहार स्टेशन पर उतारकर अस्पताल पहुंचाया
ट्रेन के लातेहार स्टेशन पहुंचने पर महिला यात्री और उसके नवजात शिशु को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारा गया। इसके बाद रेलवे की ओर से एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। महिला और नवजात को आवश्यक चिकित्सीय देखभाल एवं उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। इस त्वरित कार्रवाई से दोनों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय से मिली मदद
पूरे घटनाक्रम में रेल मदद, वाणिज्य विभाग, परिचालन विभाग और रेलवे सुरक्षा बल के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहा। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को सक्रिय करने से महिला यात्री और नवजात को बिना अनावश्यक देरी के चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।
यात्रियों की सुरक्षा के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता
धनबाद रेल मंडल की ओर से कहा गया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। रेल मदद के माध्यम से प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रसूता महिला और उसके नवजात शिशु को समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। यह घटना आपात स्थिति में रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय का उदाहरण भी सामने आई है।






















