रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने सवाल उठाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता मनोज पांडे ने ‘जेपीएससी रिफॉर्म फोरम मंच’ की मंशा और प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए। मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि मंच के नाम पर परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। हालांकि, उनके इन आरोपों पर संबंधित मंच या आंदोलनकारियों का पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
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‘रिफॉर्म फोरम की सच्चाई क्या है?’
रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज पांडे ने सवाल उठाया कि आखिर ‘जेपीएससी रिफॉर्म फोरम मंच’ क्या है और इसे कौन संचालित कर रहा है। उन्होंने संगठन में शामिल लोगों और उससे जुड़े वास्तविक छात्रों की संख्या को लेकर भी सवाल किए। JMM प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मंच के बैनर तले परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को लगातार भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने आंदोलन के नाम पर छात्रों से चंदा वसूले जाने का भी आरोप लगाया और इसे चिंता का विषय बताया।
उच्च स्तरीय समिति का दिया हवाला
मनोज पांडे ने राज्य सरकार का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर प्रशासनिक और परीक्षा सुधारों के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में छात्रों के हित में इस तरह की पहल की गई है और भाजपा शासित राज्यों में भी ऐसी व्यवस्था होने को लेकर सवाल उठाया।
परीक्षाएं रद्द कराने की साजिश का लगाया आरोप
JMM प्रवक्ता ने आंदोलन के पीछे कुछ कोचिंग संस्थानों और ऑपरेटरों के व्यावसायिक हित होने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि कुछ लोग परीक्षाएं रद्द करवाकर दोबारा परीक्षा आयोजित कराने की कोशिश कर रहे हैं। मनोज पांडे के अनुसार, दोबारा परीक्षा होने की स्थिति में ऑनलाइन स्टडी मटेरियल और कोर्स बेचने का कारोबार बढ़ सकता है। उन्होंने इसे छात्रों के हितों से जुड़ा गंभीर मामला बताया। हालांकि, कोचिंग संस्थानों या रिफॉर्म फोरम की ओर से इन आरोपों की पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।






















