धनबाद: धनबाद के गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है…
जहां एक युवती की मौत के बाद पांच दिनों तक उसका शव घर में ही पड़ा रहा…
और अंततः उसके ही भाई ने बाथरूम में शव को जला दिया…
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं… बल्कि समाज से बढ़ती दूरी और संवेदनहीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है…
मामला गोविंदपुर थाना क्षेत्र के वास्तु विहार आवासीय कॉलोनी का है…
बताया जा रहा है कि यह घर CIMFAR के एक रिटायर्ड वैज्ञानिक का है, जिनकी 2023 में मृत्यु हो चुकी है…
उनकी तलाकशुदा बेटी, जो लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रही थी, अपने दो कुंवारे भाइयों के साथ इसी घर में रहती थी…
धीरे-धीरे तीनों भाई-बहन समाज और रिश्तेदारों से कटते चले गए और पूरी तरह अलग-थलग हो गए…
परिवार के बड़े भाई प्रणव राजवर्धन के अनुसार, 7 तारीख को युवती की तबीयत खराब होने के कारण मौत हो गई…
उन्होंने छोटे भाई को फोन कर सूचना दी, लेकिन तीन दिनों तक कोई मदद के लिए नहीं आया…
इस दौरान उन्होंने पड़ोसियों से भी सहायता मांगी, लेकिन किसी ने उनकी बात पर विश्वास नहीं किया… और न ही कोई आगे आया…
आरोप है कि इसी मानसिक स्थिति और पारिवारिक तालमेल की कमी के कारण बड़े भाई ने घर के बाथरूम में ही कपड़े, रजाई और तकिए के साथ बहन के शव को जला कर अंतिम संस्कार करने की कोशिश की…
घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से तेज दुर्गंध और जलने की बदबू आने लगी…
पड़ोसियों को परेशानी होने लगी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी…
सूचना मिलते ही झारखंड पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बाथरूम से अर्धजले अवशेष बरामद किए…
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है…
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था, बल्कि समाज में बढ़ती दूरियों और मानवीय संवेदनाओं के क्षरण पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है…






















