Sonam Wangchuk Health Update: सोशल एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk के मेडिकल इलाज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उनकी पत्नी, गीतांजलि जे. आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने की इजाज़त मांगी गई है। इस याचिका पर रविवार (19 जुलाई) को तुरंत सुनवाई की मांग की गई है। गीतांजलि ने कहा कि किसी भी परिवार को अपने किसी करीबी के इलाज के लिए अस्पताल बदलने की इजाज़त पाने के लिए प्रशासनिक संघर्ष नहीं करना पड़ना चाहिए।
Highlights:
सफदरजंग अस्पताल पर आरोप
गीतांजलि जे. आंग्मो का आरोप है कि सफदरजंग अस्पताल Sonam Wangchuk को उनकी पसंद के प्राइवेट अस्पताल में ट्रांसफर करने की इजाज़त देने से इनकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अब अस्पताल के मैनेजमेंट पर भरोसा नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर उन्होंने दावा किया कि अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में Sonam Wangchuk के पोटैशियम लेवल के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार कहने के बावजूद, अस्पताल न तो उन्हें डिस्चार्ज कर रहा है और न ही उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने की इजाज़त दे रहा है।
अस्पताल में पुलिस की तैनाती का ज़िक्र
गीतांजलि ने आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और उनकी आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इसे मेडिकल इलाज से अलग स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। उन्होंने कोर्ट से गुज़ारिश की है कि Sonam Wangchuk की सेहत और ज़्यादा बिगड़ने से पहले उन्हें दूसरे अस्पताल में ट्रांसफर करने की इजाज़त दी जाए।
Sonam Wangchuk की भूख हड़ताल का 21वां दिन
Sonam Wangchuk की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शनिवार (18 जुलाई) को 21वें दिन में प्रवेश कर गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई। Sonam Wangchuk 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। वह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के चल रहे आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, जो NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और इस मुद्दे से जुड़ी छात्रों की मौतों के खिलाफ विरोध कर रही है।






















