चुनाव आयोग पर तेजस्वी यादव ने उठाए गंभीर सवाल
Tejashwi Yadav Election Commission: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की मांग रखी। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने कई सवाल खड़े किए हैं।
Highlights:
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देश पर फैसले लेने का लगाया आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुसार ही चुनाव से जुड़े फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तेजस्वी ने सवाल उठाए। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम कर रहा है। हालांकि, ये सभी दावे तेजस्वी यादव के राजनीतिक आरोप हैं।
चुनाव नतीजों में गड़बड़ी का भी आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने दिल्ली, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को हराने के लिए चुनाव प्रक्रिया और नतीजों में कथित तौर पर गड़बड़ी की गई। तेजस्वी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने चुनाव से जुड़े नियमों की अनदेखी की। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग से सरकार के राजनीतिक हितों के अनुसार काम कराया जा रहा है। इन आरोपों पर चुनाव आयोग या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पहले CEC की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पहले ही यह तय कर लेते हैं कि चुनाव में कितनी सीटें हासिल करनी हैं और बाद में उसी अनुरूप नतीजे सामने आते हैं। तेजस्वी के इस बयान में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और संस्थागत स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए गए।
चुनाव के दौरान पैसे बांटने का लगाया आरोप
तेजस्वी यादव ने चुनाव के दौरान मतदाताओं को पैसे बांटे जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोगों के बीच 10-10 हजार रुपये बांटे गए और इस तरह चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोई स्वतंत्र दस्तावेज या प्रमाण सामने आने की जानकारी नहीं है। इसलिए इसे तेजस्वी यादव के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सिर्फ CEC को हटाने से समाधान नहीं: तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है। तेजस्वी के मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं और सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए।
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बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव की मांग
तेजस्वी यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल में फिर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियां और मांगें रख रहा है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में दोनों राज्यों में दोबारा चुनाव कराया जाना चाहिए। फिलहाल इस मांग पर चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की ओर से किसी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।






















