सड़क नहीं, खटिया ही सहारा! टुंडी के पिपराटांड़ गांव की तस्वीर ने विकास पर खड़े किए सवाल
धनबाद:इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें गांव के लोग एक 14 वर्षीय बीमार बच्ची को खटिया पर लादकर अस्पताल ले जाते दिख रहे हैं। ये तस्वीर किसी सदी पुरानी नहीं, बल्कि झारखंड के धनबाद जिले के टुंडी विधानसभा क्षेत्र की है।
Highlights:
यह दृश्य टुंडी प्रखंड के बड़वाटांड़ पंचायत अंतर्गत पिपराटांड़ गांव का है, जहां नभ्या कुमारी, पिता फुलचंद सोरेन, डायरिया से पीड़ित हुई। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी, और परिजनों ने बच्ची को खटिया पर लादकर कई किलोमीटर दूर नामनगर तक पैदल पहुँचाया।
ग्रामीणों का आरोप – विधायक को दी गई थी कई बार जानकारी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस बुनियादी समस्या की जानकारी टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो को कई बार दी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार, यह गांव एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और वर्षों से सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। लोगों का आरोप है कि सरकार और जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनावों में दिखाई देते हैं, इसके बाद इन इलाकों की सुध नहीं ली जाती।
विकास के दावों की पोल खोलती तस्वीर
यह दृश्य अपने आप में विकास की सच्चाई को बयां करता है।
मथुरा प्रसाद महतो टुंडी से 2005, 2009, 2019 और अब 2024 में विधायक रह चुके हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि – क्या विकास सिर्फ कागज़ों तक सीमित है?
यह पहला मामला नहीं है। कुछ समय पूर्व घोंसलडीह गांव से भी ऐसी ही खबर आई थी जहां मरीज को खटिया पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा था, क्योंकि एम्बुलेंस गांव नहीं पहुंच पाती।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में?
अभी तक इस वायरल वीडियो पर किसी अधिकारी या प्रशासनिक बयान की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अब जनता चाहती है कार्रवाई नहीं, समाधान।





















