धनबाद: जिला खनन विभाग ने राजस्व वसूली को लेकर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) मुगमा, स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) चासनाला एवं टाटा स्टील लिमिटेड झरिया डिवीजन को कुल 183.85 अरब रुपये जमा करने का नोटिस जारी किया है। नोटिस की तिथि से 15 दिनों के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है। तय समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर संबंधित कंपनियों के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस दायर किया जाएगा।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला खनन पदाधिकारी श्री रितेश राज तिग्गा ने बताया कि इन कोयला कंपनियों द्वारा वर्ष 2000 से 2010 के बीच निर्धारित अनुमति से अधिक क्षेत्र से कोयले का उत्खनन किया गया था। इसमें बीसीसीएल की 46, ईसीएल मुगमा की 8, सेल चासनाला की 2 तथा टाटा स्टील झरिया डिवीजन की 3 कोलियरियां शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में यह वसूली की जा रही है। इसमें
- बीसीसीएल को विभिन्न क्षेत्रों की कोलियरियों के लिए 17,337.87 करोड़ रुपये,
- टाटा स्टील लिमिटेड, झरिया डिवीजन को 385.19 करोड़ रुपये,
- ईसीएल मुगमा एरिया को 328.77 करोड़ रुपये,
- सेल चासनाला को 333.42 करोड़ रुपये
का भुगतान करना होगा।
जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने आदेश जारी कर कोयला कंपनियों से राशि की वसूली के लिए जिला खनन पदाधिकारी एवं सहायक खनन पदाधिकारी को अधिकृत किया है। इस संबंध में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल द्वारा अधिसूचना भी जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि कोयला कंपनियों का पक्ष पहले ही सुना जा चुका है और दिसंबर तक सुनवाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यदि कंपनियां तय अवधि में राशि जमा नहीं करती हैं, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के तहत सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जाएगा।
जिला खनन विभाग ने इस पूरे मामले की जानकारी संबंधित कोयला कंपनियों के अधिकारियों को भी दे दी है।






















