रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड सचिवालय में आबकारी और मद्यनिषेध विभाग की हालिया प्रगति को लेकर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें विभागीय योजनाएं, राजस्व वसूली और शराब के अवैध निर्माण व तस्करी को रोकने के उपाय शामिल थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को राज्य में शराब के अवैध निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने का निर्देश दिया।
Highlights:
अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार न केवल सरकारी राजस्व को प्रभावित करता है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में आबकारी और मद्यनिषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी मौजूद थे।
खाली पदों पर जल्द भर्ती; 583 आबकारी कांस्टेबलों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में

विभाग में खाली पदों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से चिह्नित रिक्तियों को समयबद्ध तरीके से भरने को कहा। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बताया कि JSSC के माध्यम से चुने गए 583 आबकारी कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
GPS और डिजिटल लॉक के जरिए शराब ढोने वाले वाहनों की निगरानी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आबकारी विभाग के शराब ढोने वाले वाहनों के लिए GPS ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से वाहनों की रियल-टाइम निगरानी हो सकेगी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों को राज्य में स्पिरिट की खपत, औद्योगिक उपयोग और भविष्य की मांग का अध्ययन करने के बाद एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया।
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नई शराब निर्माण नीति और स्थानीय समुदायों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में शराब निर्माण से जुड़ी नीति बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने औद्योगिक अल्कोहल को विनियमित करने और लेबल पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने की नीति बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने आबकारी विभाग के गोदामों के निर्माण में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता देने की वकालत की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह और आबकारी विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।






















