भारत ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपनी ताकत का लोहा मनवाया और टी20 प्रारूप में अपनी गहराई और संतुलन का प्रदर्शन किया।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस खिताबी मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
भारत की ओर से संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पारी को मजबूती दी और बड़े शॉट्स के साथ रन गति को बनाए रखा। वहीं ईशान किशन ने भी तेजतर्रार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए कई आकर्षक चौके और छक्के लगाए। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई आक्रामक साझेदारी ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
256 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने घातक गेंदबाजी करते हुए शुरुआती झटके दिए और न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। बुमराह ने अपने स्पेल में चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।
इसके बाद स्पिनर अक्षर पटेल ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए मध्यक्रम के अहम विकेट झटके और न्यूजीलैंड की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। लगातार गिरते विकेटों के कारण न्यूजीलैंड की पूरी टीम 159 रन पर ऑल आउट हो गई।
इस तरह भारत ने 96 रन के बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत भारतीय टीम की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और प्रतिभा का प्रतीक है। आक्रामक बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और आखिरकार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड के लिए यह हार निराशाजनक रही। टीम पूरे टूर्नामेंट में अच्छा खेल दिखाते हुए फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में भारत के सामने टिक नहीं सकी।
इस शानदार जीत के साथ भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में उसकी बादशाहत बरकरा





















