धनबाद: डिप्टी कमिश्नर-सह-जिला मजिस्ट्रेट आदित्य रंजन ने मंगलवार को शहर के कई ‘मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्रों’ (सस्ते भोजन वाले केंद्र) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सदर अस्पताल, कोहिनूर मैदान और बरटांड बस स्टैंड जैसे केंद्रों पर भोजन की गुणवत्ता, साफ़-सफ़ाई, बैठने की व्यवस्था और वितरण प्रणाली का जायज़ा लिया।
Highlights:
लाभार्थियों का डेटा रखने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान, डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिया कि केंद्र के कामकाज को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए हर लाभार्थी का रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि भोजन के लिए आने वाले हर व्यक्ति की ज़रूरी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर और आधार कार्ड नंबर दर्ज की जाए ताकि योजना का लाभ वास्तव में ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँच सके।
भोजन की गुणवत्ता और साफ़-सफ़ाई पर विशेष ज़ोर

डिप्टी कमिश्नर ने केंद्र संचालकों को भोजन की गुणवत्ता, पोषण मूल्य और साफ़-सफ़ाई बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ़ कहा कि भोजन तैयार करने या परोसने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था में सुधार के निर्देश

निरीक्षण के दौरान, डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिया कि सभी केंद्रों पर साफ़ पीने का पानी, बैठने की पर्याप्त जगह और परिसर की नियमित साफ़-सफ़ाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सम्मानजनक माहौल में भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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औचक निरीक्षण जारी रहेंगे
डिप्टी कमिश्नर आदित्य रंजन ने कहा कि राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य ग़रीबों और ज़रूरतमंदों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर सनी राज, ज़िला आपूर्ति अधिकारी पंकज कुमार और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।






















