धनबाद: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आईसा (AISA) की ओर से संगठन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया है। अभाविप कॉलेज अध्यक्ष करीना कुमारी ने कहा कि संगठन लंबे समय से छात्रहित, राष्ट्रहित और समाजहित के मुद्दों पर काम करता रहा है। करीना कुमारी ने आईसा की ओर से अभाविप को लेकर की जा रही बयानबाजी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले संबंधित संगठन को अपनी गतिविधियों और पिछले घटनाक्रमों पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने 5 सितंबर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए आईसा से आत्ममंथन करने की बात कही। साथ ही उन्होंने शिक्षकों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ कथित व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए।
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छात्र की मदद को संगठन से जोड़ना गलत: करीना कुमारी
करीना कुमारी ने कहा कि अभाविप किसी छात्र की सहायता करने से पहले यह नहीं देखता कि वह किस संगठन से जुड़ा है। उनके अनुसार, यदि किसी परेशानी में छात्र ने अभाविप कार्यकर्ताओं से मदद मांगी और कार्यकर्ताओं ने उसकी सहायता की, तो इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र की मदद करना संगठन की प्राथमिकता है। संगठन ने किसी छात्र की सहायता उसके संगठनात्मक जुड़ाव के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी समस्या के आधार पर की है। करीना कुमारी ने अभिषेक को लेकर की जा रही व्यक्तिगत टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के संगठन बदलने को उसके मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ना उचित नहीं है।
वायरल वीडियो को लेकर भी उठाए सवाल
करीना कुमारी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी वीडियो को काट-छांट कर प्रस्तुत करने से पूरी घटना का संदर्भ बदल सकता है। उन्होंने वीडियो उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के पूर्व संगठनात्मक जुड़ाव को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि किसी भी वीडियो को संदर्भ से अलग करके पेश करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अभाविप की स्थापना 1949 में हुई थी और संगठन ने लंबे समय से छात्रहित एवं राष्ट्रहित के मुद्दों पर काम किया है। उनके अनुसार, राजनीतिक आरोपों के आधार पर संगठन के इतिहास और कार्यों को नकारा नहीं जा सकता।
नितेश तिवारी बोले- पूरा वीडियो सामने आना चाहिए
अभाविप धनबाद महानगर संगठन मंत्री नितेश तिवारी ने भी वायरल वीडियो को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएसए से जुड़े लोगों की ओर से गलत या भ्रामक वीडियो के जरिए माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंशु तिवारी और सुधांशु गुप्ता से संबंधित सोशल मीडिया वीडियो का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वीडियो को कथित रूप से काट-छांट कर प्रसारित किया जा रहा है। नितेश तिवारी ने कहा कि किसी वीडियो के चुनिंदा हिस्से के आधार पर पूरी घटना का अलग अर्थ निकालना उचित नहीं है। उन्होंने संबंधित पक्ष से पूरी घटना का संदर्भ और पूरा वीडियो सार्वजनिक करने की मांग की।
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छात्रहित के मुद्दों पर आवाज उठाने का दावा
नितेश तिवारी ने कहा कि अभाविप तथ्यों के आधार पर छात्रहित के मुद्दों को उठाता है। उनके अनुसार, यदि कोई छात्र सहायता के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं से संपर्क करता है और उसे मदद मिलती है, तो इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने के बजाय पूरी जानकारी सामने रखी जानी चाहिए, ताकि छात्र समाज तथ्यों और दावों के बीच अंतर कर सके। इस दौरान अंशु तिवारी, संगीता रॉय, करीना कुमारी, नितेश तिवारी, सुधांशु गुप्ता और शुभम हजारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।






















