Teachers Day 2026: भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के योगदान, उनके मार्गदर्शन और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने के लिए समर्पित है। भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाने के पीछे देश के दूसरे राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन जुड़ा हुआ है। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उनके जन्मदिन को देशभर के शिक्षकों के सम्मान के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
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डॉ. राधाकृष्णन ने जन्मदिन को शिक्षक दिवस बनाने का दिया सुझाव
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1962 में भारत के राष्ट्रपति बने। बताया जाता है कि राष्ट्रपति बनने के बाद उनके छात्रों और मित्रों ने उनका जन्मदिन विशेष रूप से मनाने की इच्छा जताई थी। इस पर डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिन को व्यक्तिगत रूप से मनाने के बजाय इसे शिक्षकों को समर्पित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो यह उनके लिए सम्मान की बात होगी। इसके बाद वर्ष 1962 से भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।
महान शिक्षक, दार्शनिक और भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे राधाकृष्णन
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरुतानी में हुआ था। उन्होंने दर्शनशास्त्र के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर शिक्षा तथा भारतीय दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह एक शिक्षक और विद्वान के रूप में अपनी अलग पहचान रखते थे। उन्होंने शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं माना, बल्कि चरित्र निर्माण और बेहतर इंसान बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। डॉ. राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति भी रहे और बाद में देश के दूसरे राष्ट्रपति बने। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
शिक्षक दिवस का महत्व क्या है?
शिक्षक दिवस केवल स्कूलों और कॉलेजों में आयोजित होने वाला एक कार्यक्रम नहीं है। यह दिन उन शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ जीवन की सही दिशा भी दिखाते हैं। एक शिक्षक विद्यार्थी के व्यक्तित्व और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिक्षक बच्चों को शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी का महत्व भी समझाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को उनकी क्षमताओं को पहचानने, कमियों को दूर करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
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स्कूलों और कॉलेजों में कैसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। छात्र अपने शिक्षकों को कार्ड, फूल और उपहार देकर सम्मान और धन्यवाद व्यक्त करते हैं। कई शिक्षण संस्थानों में छात्र एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका निभाते हैं। इसके माध्यम से उन्हें शिक्षकों की जिम्मेदारियों और उनके कार्यों को समझने का अवसर मिलता है। इस दिन उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जाता है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे समाज और देश के भविष्य को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






















