धनबाद/बाघमारा: धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत छाताबाद में शनिवार को हुए भीषण भू-धंसान से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में दो दर्जन से अधिक घर जमींदोज होने की सूचना है। इनमें कुछ दो मंजिला मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे में करीब एक दर्जन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
Highlights:
अचानक धंसी जमीन, घरों में मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक जमीन धंसने लगी और देखते ही देखते कई मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं। कुछ ही देर में कई घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। हादसे के समय लोगों ने किसी तरह घरों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
स्थानीय लोगों ने ब्लास्टिंग को बताया वजह
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना से पहले खदान क्षेत्र में ब्लास्टिंग की गई थी, जिसके बाद तेज कंपन महसूस हुआ और जमीन फटने लगी। उनका कहना है कि लगातार खनन गतिविधियों और विस्फोट के कारण क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं बढ़ रही हैं।
हालांकि, ब्लास्टिंग और भू-धंसान के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है।
प्रशासन और BCCL की टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया और प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। घायलों का इलाज कराया जा रहा है तथा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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सुरक्षित पुनर्वास की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। प्रभावित परिवारों ने केवल मुआवजे की बजाय सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में बार-बार हो रही भू-धंसान की घटनाओं के कारण उनका जीवन लगातार खतरे में बना हुआ है। बाघमारा में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।























